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जिसे मृत समझकर किया अंतिम संस्कार, वही दो साल बाद जिंदा लौटी

लखनऊ में हैरान करने वाला मामला, अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल- आखिर भैसाकुंड में किस महिला का हुआ था अंतिम संस्कार?

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Administrator
07 सित 2026, 16:17
जिसे मृत समझकर किया अंतिम संस्कार, वही दो साल बाद जिंदा लौटी

Lucknow Desk : लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में सामने आया एक मामला पुलिस और परिवार, दोनों के लिए बड़ा सवाल बन गया है। जिस 28 वर्षीय शिवानी को परिवार ने मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था, वही शिवानी 5 सितंबर 2026 को अचानक अपने पैतृक घर नवीकोट नंदना पहुंच गई। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए। परिजनों के मुताबिक शिवानी की शादी 22 अप्रैल 2020 को सीतापुर निवासी आनंद सिंह से हुई थी। शादी के बाद वह बीकेटी के भीखापुर में रहने लगी। परिवार का आरोप है कि कुछ समय बाद ससुराल पक्ष की ओर से प्लॉट की मांग की जाने लगी। विवाद बढ़ने के बाद शिवानी मायके आ गई थी।

2 मई 2024 को शिवानी यह कहकर घर से निकली थी कि वह ससुराल से अपना आधार कार्ड लेने जा रही है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। 4 मई को बीकेटी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके करीब दो महीने बाद 16 जुलाई को आईआईएम रोड के पीछे नाले से एक अज्ञात महिला का शव मिला। पुलिस ने शिवानी के परिवार को सूचना दी। परिजनों ने हाथ में बंधे कलावे और अंगूठी के आधार पर शव की पहचान शिवानी के रूप में कर ली। इसके बाद भैसाकुंड में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

लेकिन अब शिवानी के जिंदा लौटने के बाद पूरा मामला उलझ गया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर नाले से मिला शव किस महिला का था? उसकी पहचान शिवानी के रूप में कैसे हुई? क्या डीएनए जांच हुई थी और उसकी रिपोर्ट क्या कहती है? इसके साथ ही पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि शिवानी मई 2024 से सितंबर 2026 तक कहां रही और इतने लंबे समय तक परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया। अब इस मामले की सच्चाई शिवानी के बयान, पुलिस रिकॉर्ड और डीएनए रिपोर्ट से ही सामने आ सकेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है....भैसाकुंड में आखिर किसकी चिता जली थी?

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