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खेल घोटाला: फर्जी स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट तैयार करने वाले एक बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश

खेल कोटे के तहत नौकरी और दाखिले पाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो पिछले दस वर्षों से सक्रिय था।

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Ankit Yadav
08 सित 2026, 17:13
खेल घोटाला: फर्जी स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट तैयार करने वाले एक बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश
खेल जगत और सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता को गंभीर चुनौती देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने मिलकर एक ऐसे शातिर रैकेट का पर्दाफाश किया है जो पिछले पूरे दस सालों से फर्जी स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट तैयार कर रहा था। यह गिरोह देश भर के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय था और जरूरतमंद तथा अयोग्य उम्मीदवारों को अवैध तरीके से खेल प्रमाण पत्र मुहैया कराता था, जिनकी मदद से लोग आसानी से खेल कोटे का लाभ उठाने में सफल हो जाते थे।

दस साल से चल रहा था अवैध कारोबार

पिछले एक दशक से यह आपराधिक नेटवर्क पूरी चालाकी के साथ फर्जी दस्तावेजों के निर्माण और वितरण के धंधे में संलिप्त था। शुरुआती जांच से पता चला है कि इस रैकेट ने न केवल फर्जी कागजात तैयार किए, बल्कि कई मोर्चों पर असली जैसे दिखने वाले मुहर और हस्ताक्षर भी जाली बनाए। इस अवैध नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी बताई जा रही हैं, जिसका असर लखनऊ समेत देश के कई बड़े शहरों और राज्यों तक फैला हुआ था। खेल प्रेमी युवाओं और नौकरी के उम्मीदवारों को अपना आसान शिकार बनाने वाले इस गिरोह ने सिस्टम की खामियों का जमकर फायदा उठाया और मोटी रकम ऐंठी। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब कुछ संदिग्ध प्रमाणपत्रों की आंतरिक और तकनीकी जांच कराई गई। दस्तावेजों में भारी गड़बड़ियां पाए जाने के बाद पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए इस रैकेट के प्रमुख सरगनाओं और उनके सहयोगियों की तलाश तेज कर दी। पिछले दस सालों में इस गिरोह के जरिए कितने लोगों ने नौकरी या शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश हासिल किया है, इसकी फेहरिस्त तैयार की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस खुलासे के बाद कई विभागों में हड़कंप मच गया है क्योंकि कई संदिग्ध नियुक्तियों और दाखिलों पर अब तलवार लटक सकती है।

आगे की कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक कदम

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राज्य और केंद्रीय स्तर की जांच एजेंसियों ने अपनी कमर कस ली है। इस रैकेट से जुड़े हर एक संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, पिछले एक दशक में जारी किए गए सभी स्पोर्ट्स कोटा सर्टिफिकेट्स की नए सिरे से गहन जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है। प्रशासन इस बात का भी पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध नेटवर्क को आंतरिक स्तर पर किसी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त था या नहीं। इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद खेल प्रशासन और सरकारी चयन बोर्ड भी अपनी प्रणालियों को और अधिक सुरक्षित तथा पारदर्शी बनाने पर विचार कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
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