सिद्धार्थपुरी मोहल्ले में दिनदहाड़े खूनी संघर्ष
गया जिले के मानपुर थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले मुफस्सिल क्षेत्र में बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। स्थानीय लोगों के अनुसार नौरंगा आहार के पास स्थित सिद्धार्थपुरी मोहल्ले के नजदीक अपराधियों ने दो सगे भाइयों को निशाना बनाया। इस घातक हमले में मोतिहारी में अपनी पुलिस सेवाएं दे रहे अधिकारी सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटे लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिवार के लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों को किसी काम के सिलसिले में पास ही बुलाया गया था और वहां पहुंचते ही उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। इस अचानक हुई फायरिंग से पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हर कोई सहम गया। पीड़ित परिवार मूल रूप से अतरी थाना क्षेत्र के जेठियन गांव का रहने वाला है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसी सिद्धार्थपुरी मोहल्ले में निवास कर रहा था। हमलावरों ने जिस दुस्साहस के साथ इस पूरी वारदात को अंजाम दिया, उससे स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गोलीबारी की आवाज सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर अंधेरे या भीड़ का फायदा उठाकर आसानी से फरार होने में कामयाब हो चुके थे।
अस्पताल में इलाज के दौरान छोटे भाई ने तोड़ा दम
गोलियों की तड़तड़ाहट के बाद दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सीय देखरेख के दौरान तीस साल के छोटे बेटे रानू सिंह की सांसें थम गईं और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं बत्तीस साल के बड़े भाई मोनू सिंह की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज लगातार जारी है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की टीम उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आला अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। स्थानीय पुलिस बल ने फौरन घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से कई खाली कारतूस या खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में गहराई से तहकीकात शुरू कर दी है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास के लोगों से भी पूछताछ का सिलसिला जारी है। हमलावरों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
जुए के विवाद को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं
घटनास्थल के आसपास के इलाकों में अवैध गतिविधियों और जुए के अड्डों को लेकर काफी चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय निवासियों के बीच इस बात की प्रबल आशंका जताई जा रही है कि यह खूनी संघर्ष जुए के किसी पुराने विवाद का परिणाम हो सकता है। चर्चा है कि घटनास्थल के इर्द-गिर्द शराब और जुए का अवैध कारोबार संचालित होता है, जिसके चलते अक्सर आपराधिक किस्म के लोग वहां जमा होते हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों या पुलिस की तरफ से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि गोलीबारी की मुख्य वजह क्या थी। पुलिस का कहना है कि वे हर एक पहलू और एंगल से जांच कर रहे हैं ताकि असल कारणों का खुलासा हो सके। परिवार के भीतर और बाहर के संपर्कों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि दोनों भाइयों को फोन करके किसने बुलाया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से सिद्धार्थपुरी मोहल्ले और आसपास के इलाकों में खौफ का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों से निकलने में भी कतरा रहे हैं और पुलिस प्रशासन से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का मुख्य फोकस अब उन अपराधियों को पकड़ना है जिन्होंने एक परिवार की खुशियां पूरी तरह से उजाड़ दी हैं।