पैलानी डेरा गांव की खौफनाक वारदात
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अंतर्गत आने वाले पैलानी क्षेत्र के पैलानी डेरा गांव में गुरुवार के दिन सनसनी फैल गई जब एक पारिवारिक रिश्ते के खून से धरती लाल हो गई। इस संपूर्ण घटना का केंद्र बिंदु पैसों का वह विवाद रहा जो एक मोबाइल फोन की बिक्री से जुड़ा हुआ था। प्राप्त जानकारी के अनुसार पैलानी डेरा गांव का रहने वाला आलोक नाम का युवक अपने ही गांव के निवासी जगन्नाथ उर्फ गेन्दू के साथ बैठकर शराब पी रहा था। इसी महफिल में जगन्नाथ का साथी राजाभैया भी उनके साथ मौजूद था। शराब के नशे में डूबे इन तीनों लोगों के बीच अचानक से किसी बात को लेकर बहस छिड़ गई और यह मामूली सी बहस देखते ही देखते एक भयंकर खूनी संघर्ष में बदल गई। आलोक ने अपना मोबाइल फोन अपने मामा जगन्नाथ को पांच हजार रुपए में बेचा था और इसी पांच हजार रुपए के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच तीखी झड़प हुई। बात इतनी अधिक बढ़ गई कि जगन्नाथ अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और उसने पास में रखे डंडे से आलोक के ऊपर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया। डंडे की लगातार और निर्मम मार से आलोक बुरी तरह जख्मी होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
शव को दरवाजे पर फेंककर भागे आरोपी
जब बेरहमी से पिटाई करने के कारण आलोक की सांसें थम गईं और उसकी मृत्यु हो गई तब दोनों आरोपियों ने अपने जुर्म को छिपाने की एक असफल और घिनौनी कोशिश की। मुख्य आरोपी जगन्नाथ और उसके साथी राजाभैया ने मिलकर मृत आलोक के शव को उठाया और चुपचाप उसके घर के मुख्य दरवाजे के बाहर लाकर फेंक दिया। इसके बाद दोनों हत्यारे मौके से फरार होने में सफल हो गए ताकि वे पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। इस अमानवीय कृत्य की भनक लगते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों और आसपास के लोगों ने तुरंत इस जघन्य हत्याकांड की सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी। सूचना मिलते ही पैलानी थाने की पुलिस टीम बिना किसी देरी के तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सबसे पहले मृत युवक के शव को अपने कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई शुरू की गई और घटना के कुछ ही देर के भीतर दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया। पुलिस की इस मुस्तैदी से आरोपियों का भागने का प्रयास विफल हो गया और उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई आरंभ कर दी गई।
पिता की तहरीर पर पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए सीओ सदर प्रतिज्ञा सिंह ने मीडिया को पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पैलानी डेरा गांव के निवासी सरजू निषाद ने पुलिस थाने में आकर अपने बेटे की हत्या की औपचारिक सूचना दी थी। पीड़ित पिता सरजू निषाद ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर में स्पष्ट रूप से बताया कि उनके बेटे आलोक के साथ गांव के ही जगन्नाथ उर्फ गेन्दू ने डंडे से मारपीट की थी। पिता ने अपनी शिकायत में यह भी जिक्र किया कि जगन्नाथ के साथ राजा भैया नाम के दूसरे व्यक्ति ने भी इस साजिश में साथ दिया और दोनों ने मिलकर उनके मृत बेटे के शव को उनके घर के दरवाजे के बाहर लाकर पटक दिया था। पिता की इस लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के हर पहलू को उजागर किया जा सके। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोग इस बात से हैरान हैं कि मात्र पांच हजार रुपए के मामूली लेनदेन के विवाद में एक मामा ने अपने ही भांजे की इतनी बेरहमी से जान ले ली।