वायरल वीडियो पर पुलिस की तकनीकी जांच
काशी जोन के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक विवादास्पद वीडियो के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सामग्री को फैलाने वाले शख्स की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। लाट भैरव चौकी प्रभारी ने इस सिलसिले में आदमपुर थाने में अपनी आधिकारिक तहरीर दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि गत 23 सितंबर से 27 सितंबर के बीच बाबा लाट भैरव का पारंपरिक तिलकोत्सव तथा विवाहोत्सव संपन्न हुआ था। इस पूरे आयोजन के दौरान महिला कलाकार नृत्य प्रस्तुतियां दे रही थीं, जिनके साथ पुलिस बल की तस्वीरों को डिजिटल रूप से जोड़ दिया गया। इसके बाद इस तैयार किए गए क्लिप को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित कर दिया गया, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी माध्यमों से इसकी गहराई से जांच शुरू कर दी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और डिजिटल छेड़छाड़ के आरोप
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वीडियो क्लिप को साझा किया था। इसके माध्यम से उन्होंने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी सरकार को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया और कड़े सवाल उठाए। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि पवित्र मंदिर परिसरों के भीतर और धार्मिक आयोजनों के दौरान अश्लील गीत बजाए जा रहे हैं। साथ ही वहां नृत्य तथा कई तरह की आपत्तिजनक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जा रही हैं। हालांकि, जब इसी खास कार्यक्रम के अन्य वीडियो फुटेज की पड़ताल की गई, तो पूरी स्थिति बिल्कुल अलग नजर आई। उन दूसरी वीडियो क्लिप में नृत्य प्रस्तुत कर रही महिलाओं के आसपास कहीं भी पुलिस बल तैनात या मौजूद दिखाई नहीं दे रहा है। इससे यह साफ हो गया कि डिजिटल तकनीक का गलत इस्तेमाल करके एक मनगढ़ंत वीडियो तैयार किया गया और उसे राजनीतिक लाभ या सनसनी फैलाने के लिए इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया।
पारंपरिक आयोजन की रूपरेखा और कानूनी कदम
स्थानीय मंदिरों से जुड़े जानकारों और पुजारियों का कहना है कि उत्सव के दौरान इस प्रकार की नृत्य प्रस्तुतियां करना उनकी वर्षों पुरानी पारंपरिक प्रथा का हिस्सा है। इस पूरी धार्मिक परंपरा के तहत कज्जाकपुरा स्थित मुख्य मंदिर से श्रद्धालु विवाह से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री एकत्रित करते हैं। इसके बाद वे तिलक समारोह संपन्न कराने के लिए विश्वेश्वरगंज सब्जी मंडी की ओर प्रस्थान करते हैं। वहां से आगे बढ़कर यह भव्य जुलूस काल भैरव मंदिर तक पहुंचता है, जहां विधिवत पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जाता है। अंत में यह धार्मिक यात्रा लाट भैरव मंदिर पहुंचकर पूरी तरह से समाप्त होती है। इसी सांस्कृतिक और पारंपरिक आयोजन के बीच शरारती तत्वों ने डिजिटल तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग करके वीडियो में छेड़छाड़ की। पुलिस विभाग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले तथा फैलाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।