परवेज की मौत से ड्रग्स सिंडिकेट में भगदड़ उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क में उस समय भारी खलबली मच गई, जब परवेज नाम के व्यक्ति की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के सामने आते ही अवैध कारोबार में लिप्त तमाम छोटे और बड़े गुर्गों के होश उड़ गए। परवेज की मौत की खबर फैलते ही इस अवैध धंधे से जुड़े कई लोगों ने अपने फोन पूरी तरह से बंद कर लिए और अपने ठिकाने बदलकर फरार हो गए। इस आकस्मिक घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर चल रहे नशीले पदार्थों के काले कारोबार की पोल खोल दी है, जिससे अपराधियों के बीच डर का माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है। पुलिस प्रशासन और खुफिया तंत्र को जैसे ही इस बात की भनक लगी, उन्होंने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए अपनी जांच का दायरा काफी हद तक बढ़ा दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य विशेष इकाइयां भी हरकत में आ चुकी हैं।
सर्विलांस टीम खंगाल रही तस्करों के सुराग इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के लिए पुलिस महकमे की तकनीकी शाखा और सर्विलांस टीम को विशेष तौर पर लगाया गया है, जो लगातार संदिग्धों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है। जिन लोगों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ किए हैं, उनके पिछले कॉल रिकॉर्ड, लोकेशंस और संपर्कों की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है। आमतौर पर इस प्रकार के संगठित अपराधों में जब कोई मुख्य किरदार अचानक दुनिया से चला जाता है, तो पूरा सिंडिकेट अपनी पहचान छुपाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट करने या भूमिगत होने का रास्ता चुनता है। झांसी क्षेत्र में सक्रिय इस अवैध ड्रग्स नेटवर्क के तार दूर-दूर तक फैले होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके माध्यम से युवाओं को नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जाती थी। जांच एजेंसियां अब उन तमाम नंबरों और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालने में जुटी हैं, जिनके जरिए परवेज इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संपर्क में रहता था। अधिकारियों का मानना है कि इन तकनीकी साक्ष्यों के हाथ लगने से इस अवैध कारोबार के कई बड़े चेहरों बेनकाब हो जाएंगे।
मादक पदार्थों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी परवेज की मौत और तस्करों के इस तरह अचानक फरार होने से पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जिनके आधार पर आने वाले दिनों में कई बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है। उत्तर प्रदेश शासन और स्थानीय पुलिस की प्राथमिकता इस तरह के संगठित अपराधों की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की रही है। इस घटना के बाद खुफिया विभाग भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है और झांसी के आसपास के इलाकों में उन संदिग्ध ठिकानों की फेरिस्त तैयार की जा रही है जहां इस प्रकार की अवैध गतिविधियों का संचालन होता था। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस रैकेट के असली सरगना सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून से बचने के लिए चाहे जितने भी मोबाइल फोन बंद कर लिए जाएं, लेकिन सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों को ढूंढ निकाला जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।