मंडी में पुलिस की नाकेबंदी में सफलता
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला मंडी के अंतर्गत आने वाले 33 केवी भराड़ू इलाके में पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा के दृष्टिगत वाहनों की नियमित जांच के लिए एक नाका स्थापित किया हुआ था। नौहली की तरफ से भराड़ू की ओर आ रही एक गाड़ी, जिसका नंबर एचपी-33जी-0618 था, को पुलिस ने जांच के लिए रुकवाया। गाड़ी की तलाशी के दौरान पुलिस को उसमें छिपाकर रखी गई 500 ग्राम चरस बरामद हुई। इस नशीले पदार्थ की बरामदगी के साथ ही पुलिस ने गाड़ी में सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। मौके पर ही पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी, जो नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए राज्य में चल रहे सख्त अभियान का हिस्सा है।
गिरफ्तार तस्करों पर मामला दर्ज और कार्रवाई
पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान लाल सिंह और भीम सिंह के रूप में हुई है, जो मंडी जिले की तहसील पधर के निवासी हैं। पुलिस ने इन दोनों तस्करों के खिलाफ जोगिंद्रनगर थाने में मामला दर्ज किया है। इस प्राथमिकी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 25 और 29 को शामिल किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय के सामने पेश किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने जानकारी दी है कि आरोपियों से इस अवैध खेप के स्रोत और उनके गंतव्य के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि यह चरस कहां से लाई गई थी और इसे किसे सौंपा जाना था। पुलिस अब इस तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
नशाखोरी के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख
हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है, जो प्रशासन और आम जनता के लिए चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है। हाल के दिनों में पुलिस ने तस्करों पर अपना शिकंजा कसते हुए बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े हैं। इस ताजा मामले में भराड़ू के पास की गई बरामदगी इसी कड़ी का एक हिस्सा है। पुलिस का मानना है कि सड़क मार्गों पर सघन चेकिंग से तस्करों के मंसूबों को नाकाम करने में मदद मिल रही है। हालांकि, नशे के इस काले कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाना अब पुलिस के लिए एक प्राथमिकता बन गई है। अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि न केवल वाहक, बल्कि इस पूरे तस्करी चक्र से जुड़े मास्टरमाइंड भी कानून की गिरफ्त में आएं। भविष्य में पुलिस इस तरह की गतिविधियों पर और भी अधिक सतर्कता बरतने की योजना बना रही है ताकि युवा पीढ़ी को नशे के इस दलदल से बचाया जा सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।