यमुना एक्सप्रेसवे अंडरपास पर चेकिंग के दौरान धरे गए दो संदिग्ध
ग्रेटर नोएडा की रबूपुरा कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को धर दबोचा। यह कार्रवाई बुधवार शाम करीब 6 बजे यमुना एक्सप्रेसवे के मोहम्मदाबाद खेड़ा गांव के अंडरपास के पास की गई। पुलिस टीम वहां वाहनों की जांच कर रही थी तभी इन दोनों संदिग्धों की गतिविधियां पुलिस को संदेहास्पद लगीं। पुलिस ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों युवकों को रोककर हिरासत में ले लिया और उनके पास मौजूद सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से ढाई लाख रुपए की नगदी बरामद हुई जिसके बारे में वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि यह सारी रकम उनके द्वारा अवैध रूप से चुराए गए पशुओं को बेचने के बाद हासिल की गई थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से इलाके में पशु चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पकड़े गए दोनों आरोपियों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि उनके अन्य साथियों और इस अवैध कारोबार से जुड़े बाकी नेटवर्क का भी जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूली कई गांवों से पशु चोरी की वारदातें
पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान पकड़े गए दोनों आरोपियों ने कई बड़े खुलासे किए और अपनी वारदातों का सच कबूल लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पिछले काफी लंबे समय से रबूपुरा और उसके आसपास के तमाम इलाकों में लगातार सक्रिय रहकर पशु चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उन्होंने गांव भाईपुर ब्राह्मन और भुन्ना तगा से दो भैंसें चोरी की थीं जिन्हें बाद में उन्होंने बेच दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान आमिर पुत्र ताहिर निवासी चिड़ावल जो कि गुलावठी का रहने वाला है तथा उसके साथी नाजिम निवासी महरू का नगला हसनपुर जो कि पलवल का रहने वाला है के रूप में हुई है। इन दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से कई इलाकों को अपना निशाना बनाया और किसानों की बहुमूल्य भैंसों व अन्य पशुओं को चुराया। इस प्रकार की वारदातों से स्थानीय पशुपालकों में भारी नाराजगी और भय का माहौल बना हुआ था। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों से यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने चुराए गए पशुओं को किन लोगों को और कहां-कहां बेचा था ताकि खरीद-फरोख्त करने वाले अन्य संलिप्त लोगों को भी कानून के शिकंजे में जल्द से जल्द कसा जा सके।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले
रबूपुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और गंभीर रहा है जिससे उनके शातिर अपराधी होने की पुष्टि होती है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी आमिर के खिलाफ अकेले बुलंदशहर और हापुड़ जिलों के अलग-अलग थानों में चोरी के करीब इकतीस मामले पहले से ही दर्ज चल रहे हैं। इसके अलावा उसका साथी नाजिम भी किसी से पीछे नहीं है और उसके ऊपर भी विभिन्न थानों में कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं जो उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को दर्शाते हैं। लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय रहने के बावजूद ये दोनों शातिर अपराधी पुलिस की नजरों से बचकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। रबूपुरा कोतवाली पुलिस द्वारा इन्हें पकड़े जाने को इलाके में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों बदमाशों के पकड़े जाने से क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं में काफी हद तक कमी आएगी। पुलिस अब इनके पूरे आपराधिक नेटवर्क का खात्मा करने के लिए इनके पुराने मुकदमों और संपर्कों की फाइलें खंगाल रही है ताकि अदालत में इनके खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।