चुटुपालू घाटी से बरामदगी का पूरा घटनाक्रम
झारखंड के गाड़ीखाना क्षेत्र से गायब हुए कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह के अठारह वर्षीय भतीजे किशन सिंह को पुलिस ने बुधवार की रात को लगभग ग्यारह बजकर तीस मिनट पर चुटुपालू घाटी से खोज निकाला। सुरक्षित बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने उसे चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से सदर अस्पताल पहुँचाया जहाँ उसका इलाज किया गया। इस हैरान कर देने वाली घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी चिंता का माहौल बना हुआ है। पीड़ित युवक ने पुलिस अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई जिसके आधार पर इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस महकमे ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से जाँच पड़ताल की जा रही है ताकि अपराधियों तक जल्दी पहुँचा जा सके। बरामद किए गए युवक की शारीरिक स्थिति और मानसिक आघात को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस थाना के अधिकारियों ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है और अब अपराधियों को दबोचने के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
अज्ञात महिला और टेंपो सवारों पर एफआईआर
इस पूरे मामले के संबंध में पीड़ित किशन सिंह के पिता भूपेंद्र कुमार सिंह ने कोतवाली थाना में जाकर एक अज्ञात महिला और टेंपो पर सवार तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मुताबिक अट्ठाईस सितंबर की शाम करीब सात बजे किशन अपने घर के पिछले हिस्से में बने खटाल में एक बीमार कुत्ते को हटाने की बात कहकर बाहर निकला था। रास्ते में एक अनजान महिला ने अपनी बीमार बेटी के इलाज के वास्ते उससे पैसों की सहायता माँगी थी। किशन के पास उस समय खुद नकदी उपलब्ध नहीं थी इसलिए उसने अपने स्टाफ से एक हजार रुपये लेकर उस महिला को गाड़ीखाना चौक पर सौंप दिए थे। आरोप लगाया गया है कि उसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने पीछे से आकर उसके सिर पर किसी भारी और कठोर वस्तु से जोरदार प्रहार किया जिससे वह तुरंत बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। जब उसे होश आया तो उसने खुद को एक टेंपो के अंदर पाया जहाँ तीन अज्ञात लोग पहले से ही मौजूद थे। प्राथमिकी में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि रास्ते में आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और डराया धमकाया। घाटी पहुँचने पर आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यह तो केवल एक ट्रेलर है और भविष्य में उसके साथ बहुत कुछ गंभीर हो सकता है।
पुलिस की छापेमारी और आगे की जाँच कार्रवाई
जब किशन निर्धारित समय रात नौ बजे तक अपने घर वापस नहीं लौटा तो उसके परिजनों की बेचैनी बढ़ गई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के लोगों ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जिसमें वह गाड़ीखाना चौक की ओर जाते हुए साफ तौर पर दिखाई दिया था। इसके बाद उसका कोईता पता नहीं चला जिससे परिजन काफी डर गए और उन्होंने पुलिस से संपर्क साधा। रात के लगभग दस बजकर पैंतालीस मिनट पर किशन के पिता के मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन पर बातचीत के दौरान किशन ने अपने पिता को बताया कि वह इस समय पंजाबी ढाबा के पास मौजूद है और उसे गंभीर चोटें आई हैं। इस अहम सूचना के मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी और ओरमांझी पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और परिजनों के साथ मौके पर फौरन रवाना हो गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए किशन को अपने कब्जे में लिया और पहले ओरमांझी थाना ले गई ताकि शुरुआती औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। इसके बाद उसे कोतवाली थाना लाया गया और अंत में बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज करके कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।