आदमपुर में चल रहा था साइबर गिरोह
भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदमपुर स्थित तपस्वी नर्सिंग होम की पांचवीं मंजिल पर स्थित एक किराए के कमरे में साइबर अपराध का बड़ा जाल बिछाया गया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को इस ठिकाने पर छापा मारा था। इस छापेमारी के दौरान पांच संदिग्धों को पकड़ा गया था, जिनकी पहचान कृष्णा कुमार सोनी, सनत कुमार, तेजस्वी कुमार, नरहरि प्रियदर्शी और प्रह्लाद कुमार के तौर पर हुई है। ये सभी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इनके पास से पुलिस ने 15 जिंदा कारतूस, चार लैपटॉप, सात एटीएम कार्ड और चार पैन कार्ड जैसे कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। इसके अलावा सात मोबाइल फोन, दो एप्पल आईपैड, चेकबुक और पासबुक जैसी संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई है। गिरोह का सरगना अब्दुल लतीफ इन सभी गतिविधियों का संचालन कर रहा था, जिसे पुलिस ने शिवहर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। लतीफ को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप
गिरफ्तार पांचों आरोपियों को शनिवार को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा में कोर्ट के समक्ष पेश किया था। पुलिस की कार्रवाई के समय इन आरोपियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में गिरफ्तार व्यक्तियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोपियों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें किसी अन्य व्यक्ति को बचाने के लिए फंसाया है। उन्होंने नाथनगर के सुधांशु नामक युवक का नाम लेते हुए कहा है कि पुलिस उसी को बचाने के लिए उन्हें मोहरा बना रही है। उनकी दलील है कि सुधांशु ने ही अब्दुल लतीफ के कारतूस उनके कमरे में छिपाकर रखे थे। आरोपियों ने खुद को साइबर क्राइम में किसी भी तरह से शामिल होने से पूरी तरह से इनकार किया है। उन्होंने पुलिस पर रिश्वत मांगने और जबरन फंसाने का भी आरोप लगाया है। बहरहाल, अब मुख्य सरगना अब्दुल लतीफ के हाथ आने से इस पूरे मामले की जांच का दायरा काफी बढ़ गया है।
सरगना की गिरफ्तारी से खुली नई परतें
मुख्य सरगना अब्दुल लतीफ की गिरफ्तारी के साथ ही भागलपुर पुलिस ने अपनी जांच की गति को और तेज कर दिया है। पुलिस टीम ने अब उन संदिग्धों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है जो इस साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इस रैकेट का खुलासा होने से स्थानीय स्तर पर साइबर ठगी के तरीकों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिर ये लोग किस तरह से आम लोगों को अपना शिकार बनाते थे और किन-किन बैंकों या खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए करते थे। बरामद हुए सामान, जिनमें चार लैपटॉप और सात एटीएम कार्ड शामिल हैं, से पुलिस को काफी महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के मनोबल को तोड़ने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है क्योंकि पुलिस इस पूरे जाल को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है।