कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ दे रहे थे', जरांगे पाटिल ने लगाया आरोप; शिंदे ने किया इनकार      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
क्राइम

साइबर ठगी का जाल: अहमदाबाद में फर्जी कॉल सेंटर के संचालक की तलाश में जुटी पुलिस

लखनऊ पुलिस फर्जी कॉल सेंटर संचालन के मामले में मुख्य आरोपी की धरपकड़ के लिए अहमदाबाद में लगातार दबिश दे रही है। इस संगठित साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

A
Ankit Yadav
23 सित 2026, 11:46
साइबर ठगी का जाल: अहमदाबाद में फर्जी कॉल सेंटर के संचालक की तलाश में जुटी पुलिस
लखनऊ से जुड़ी इस बड़ी आपराधिक घटना के सिलसिले में स्थानीय पुलिस बल ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ाते हुए गुजरात के अहमदाबाद का रुख किया है। साइबर अपराध के एक बड़े मामले में प्रकाश में आए फर्जी कॉल सेंटर के मुख्य संचालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम वहां विभिन्न ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। अब तक की गई छानबीन में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और कानून की पकड़ से बचने के लिए कई ठिकाने बदले हैं। लखनऊ की जांच टीमों को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके बिनाह पर यह कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मुख्य संचालक के हत्थे चढ़ने के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे काम करने वाले अन्य गुर्गों और मास्टरमाइंडों के नाम भी सामने आ सकेंगे। इस अभियान को अंजाम देने के लिए विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया है जो लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रहे हैं।

फर्जी कॉल सेंटरों के संचालन का बढ़ता दायरा और कार्यप्रणाली देशभर में इस तरह के फर्जी कॉल सेंटर बेरोजगार युवाओं और भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाकर बड़ी रकम ऐंठने का अवैध कारोबार चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देश के विभिन्न महानगरों में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों का संचालन करने वाले गिरोह सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। ये लोग अक्सर तकनीकी रूप से उन्नत शहरों जैसे अहमदाबाद, नोएडा या अन्य महानगरों में अपने दफ्तर किराए पर खोलते हैं और वहां से कॉलिंग का नेटवर्क संचालित करते हैं। इस तरह के ठिकानों पर काम करने वाले युवकों को आकर्षक वेतन का झांसा देकर फंसाया जाता है, जिन्हें बाद में वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर कृत्यों में शामिल कर लिया जाता है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रकार के संगठित नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय स्तर पर अपने तार फैलाए रखते हैं, जिससे पुलिस के लिए इन तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इस मामले में पुलिस महकमा न केवल मुख्य आरोपी की तलाश में जुटा है, बल्कि उन तमाम वित्तीय लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रहा है जो इस अवैध कॉल सेंटर के खातों के जरिए किए गए थे।

आगामी कानूनी कदम और साइबर सुरक्षा पर संभावित असर इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत आरोपी के पकड़े जाने पर उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस विभाग का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं, जिससे अन्य राज्यों में फैले इस प्रकार के अन्य अवैध कॉल सेंटरों का भी पर्दाफाश किया जा सकेगा। इस घटना के बाद से उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी साइबर सेल को अत्यधिक सतर्क कर दिया गया है ताकि इस तरह के गैरकानूनी नेटवर्कों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। आम नागरिकों को भी इस प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अदालत के समक्ष आरोपियों को पेश करने के बाद पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि इस पूरे षड्यंत्र की तह तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल हर एक व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके। इस संपूर्ण प्रकरण से यह संदेश भी स्पष्ट हो गया है कि साइबर अपराध के मामलों में पुलिस अब राज्यों की सीमाओं से परे जाकर भी कठोरतम कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज