सारनाथ में अवैध पटाखा फैक्ट्री का विस्फोट
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के पंचकोसी इलाके में स्थित पैगंबरपुर गांव में गुरुवार की शाम को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ था। इस भीषण विस्फोट के कारण तीन मंजिला इमारत पूरी तरह से जमींदोज हो गई और मलबे का ढेर बन गई। हादसे के बाद से दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे की लगातार जांच कर रहे हैं। इस हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें विस्फोट की तीव्रता स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। फुटेज में पहले छत गिरती है और फिर पूरा तीन मंजिला मकान एक झटके में ढह जाता है। धमाके के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और राहत व बचाव कार्यों को तेज कर दिया है।
पुलिस की छापेमारी और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने अवैध पटाखों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। पटाखा फैक्ट्री का मुख्य संचालक राजू खान पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। मलबे की सफाई के दौरान बचाव दल को बारूद से भरा एक नीला ड्रम मिला है, जिससे इलाके में अभी भी बारूद की तेज गंध महसूस की जा सकती है। पुलिस ने सारनाथ थाना क्षेत्र के अलावा कोतवाली और कैंट थाना क्षेत्रों में भी सघन अभियान चलाया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग मकानों में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 कुंतल अवैध पटाखा सामग्री जब्त की है। इसके अतिरिक्त कैंट पुलिस ने कुंज बिहार कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए करीब 800 पैकेट छोटे और बड़े पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि जड़ी-बूटी के कारोबार की आड़ में इन अवैध पटाखों का भंडारण और निर्माण किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस लगातार आगे की कार्रवाई कर रही है।
अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई और आगे की जांच
वाराणसी में अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ पुलिस ने अपनी सख्ती बढ़ा दी है। इस हादसे ने प्रशासन को शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में चल रहे खतरनाक अवैध व्यवसायों की जांच करने पर मजबूर कर दिया है। सारनाथ की घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके। बरामद किए गए 30 कुंतल अवैध पटाखों ने इस कारोबार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर बारूद और विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने भी अवैध निर्माणों को लेकर चिंता जाहिर की है। पुलिस इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है और सभी आरोपियों की गहन पूछताछ की जा रही है। शहर भर में पुलिस का सतर्कता अभियान जारी है ताकि सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।