जौलीग्रांट में पुलिस चेकिंग के दौरान धड़का राहुल
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशों के तहत स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है। इसी क्रम में 1 अक्टूबर की रात को डोईवाला थाने के अंतर्गत आने वाले जौलीग्रांट इलाके में पुलिस टीम ने गश्त और चेकिंग अभियान चलाया। शहीद द्वार के पास वाहनों और पैदल आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही थी। तभी पुलिस कर्मियों की नजर एक संदिग्ध व्यक्ति पर पड़ी जो वहां से गुजर रहा था। पुलिस को देखकर वह अजीब हरकतें करने लगा जिससे अधिकारियों का शक गहरा गया। पुलिस दल ने तुरंत उस संदिग्ध युवक को रोक लिया और उसकी गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक धारदार चाकू बरामद हुआ। पूछताछ करने पर वह युवक अपने पास हथियार मिलने का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका और पुलिस के सवालों के गोलमोल जवाब देने लगा। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया और थाने ले आए।
आरोपी की पहचान और आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी की पहचान राहुल के रूप में हुई है जो मंजीत सिंह का बेटा है। पकड़े गए आरोपी का पूरा नाम और पता सामने आने के बाद पुलिस ने उसके दस्तावेजों की जांच की। राहुल मूल रूप से देहरादून के डोईवाला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंचवटी कॉलोनी, कुड़कावाला रोड का निवासी है। हथियार के साथ पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ तुरंत कानूनी शिकंजा कसा। कोतवाली डोईवाला में आरोपी के विरुद्ध आधिकारिक रूप से मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा नंबर 293/2026 दर्ज किया है और इसमें धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के प्रावधानों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने की फिराक में इलाके में घूम रहा था। समय रहते पुलिस दल की मुस्तैदी से चेकिंग करने के कारण एक संभावित आपराधिक घटना को समय रहते टाल दिया गया। आरोपी के खिलाफ अब अदालत की प्रक्रिया के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर की पुरानी फाइल और नशे की लत
पुलिस रिकॉर्ड और थानों के दस्तावेजों को खंगालने पर आरोपी राहुल का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। स्थानीय पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया यह युवक पहले से ही नशे का गंभीर आदी है। वह अपनी नशे की आदतों को पूरा करने और अन्य कारणों से पहले भी कई बार अपराध की दुनिया में संलिप्त रहा है। चोरी और अन्य संगीन वारदातों में शामिल होने के कारण वह पहले भी कई बार जेल की हवा खा चुका है। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार उसके नाम पर पहले से ही आधा दर्जन से अधिक विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। राहुल के खिलाफ चोरी के कुल तीन मामले पहले से ही दर्ज चल रहे हैं। इसके अलावा उस पर आर्म्स एक्ट के तहत दो गंभीर मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी दो मामले दर्ज पाए गए हैं। इतने सारे संगीन अपराधों का रिकॉर्ड होने के कारण पुलिस उसे एक सक्रिय हिस्ट्रीशीटर मानती है। इस ताजा गिरफ्तारी से इलाके में सुरक्षा का माहौल सुधरा है और पुलिस उसकी गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रख रही है।