किताब लेने कार्यालय गई थी छात्रा
पंजाब राज्य के लुधियाना शहर के अंतर्गत आने वाले थाना टिब्बा क्षेत्र की यह घटना है। यहाँ स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली सोलह वर्ष की एक पीड़िता को उसकी अध्यापिका ने स्कूल के मुख्य कार्यालय से एक पुस्तक लाने के लिए भेजा था। निर्देश मिलने के बाद किशोरी तुरंत उस कक्ष की तरफ चल दी जहाँ किताबें रखी जाती हैं। जब वह कार्यालय के भीतर पहुँची तो वहाँ कोई भी शिक्षक या अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं था। वह कमरे के भीतर अकेली ही उस किताब की तलाश करने लगी जिसकी उसे आवश्यकता थी। इसी दौरान स्कूल परिसर में साफ-सफाई और अन्य कार्य देखने वाला एक कर्मचारी चुपचाप उस कमरे में आ गया। इस घटना की तिथि तेरह अक्टूबर दो हजार छब्बीस बताई गई है। जब छात्रा को अपनी कक्षा की वह पुस्तक मिल गई और वह वापस लौटने के लिए दरवाजे की तरफ बढ़ी, तभी आरोपी ने उसे पीछे की तरफ से अचानक दबोच लिया। उस व्यक्ति ने बच्ची के साथ अत्यंत आपत्तिजनक और गंदा व्यवहार किया तथा उसे जबरन अपनी बाहों में जकड़ लिया। इस अप्रत्याशित और भयानक घटना से डरी सहमी छात्रा बुरी तरह काँप उठी और किसी तरह वहाँ से भागकर अपने घर पहुँची। घर पहुँचने के बाद उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई जिसके बाद सभी लोग थाने पहुँचे।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी करतूत
नाबालिग पीड़िता के परिजनों द्वारा स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्यून को धर दबोचा। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान प्रिंस पाल के रूप में हुई है जो सरदार नगर इलाके की बस्ती जोधेवाल की गली नंबर-1 का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद रविवार के दिन मजिस्ट्रेट के समक्ष अदालत में पेश किया जहाँ से उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। इस पूरी वारदात का एक पचपन सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ चुका है जो सोशल मीडिया और जांच अधिकारियों के पास सुरक्षित है। इस वीडियो फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे वह कर्मचारी दबी पाँवों से कमरे के भीतर प्रवेश करता है। इसके बाद वह पीछे से आकर छात्रा को दीवार और वहाँ रखी अलमारी के बीच में जोर से दबा लेता है। वीडियो में उसकी तमाम हरकतें स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो चुकी हैं जिनके आधार पर पुलिस अधिकारी मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है और लोग अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर काफी चितित नजर आ रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस प्रकार की गंभीर घटना सामने आने के बाद शहर के तमाम शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भेजते हैं ताकि वे सुरक्षित वातावरण में पढ़ सकें। यदि स्कूल परिसर के भीतर ही इस तरह के कर्मचारी बच्चों को निशाना बनाएंगे तो अभिभावक अपने बच्चों को भेजने में असुरक्षित महसूस करेंगे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस अब हर पहलू से जाँच को आगे बढ़ा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत के माध्यम से आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज इस मामले में सबसे बड़ा और ठोस सबूत साबित हुआ है जिसने आरोपी के कुकृत्य को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। इस घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन भी कटघरे में खड़ा हो गया है क्योंकि उन्होंने ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा था जिसने अपनी मर्यादा को तार-तार कर दिया। पुलिस अब स्कूल के अन्य कर्मचारियों के पिछले रिकॉर्ड की भी जाँच करने पर विचार कर रही है ताकि शिक्षण संस्थानों की पवित्रता और बच्चों की सुरक्षा हर हाल में सुरक्षित रखी जा सके।