हाई कोर्ट परिसर से इस तरह फरार हुई श्रद्धा
शिवा हत्याकांड से जुड़े एक मामले में आरोपी श्रद्धा कुछ समय के लिए लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में रुकी थी। इस दौरान हाई कोर्ट परिसर में एक अधिवक्ता ने उससे कुछ जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए थे। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद वह वहां से सीधे एक्सप्रेसवे के रास्ते पहले आगरा और उसके बाद वहां से सहारनपुर जा पहुंची। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह इस दौरान लगातार अपनी लोकेशन बदलती रही। पुलिस की टीमें उसकी गतिविधियों और लोकेशन का लगातार पीछा कर रही थीं, लेकिन वह हर बार पुलिस की पकड़ से दूर निकलने में कामयाब हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धा के बुर्का पहनकर गोरखपुर पहुंचने की भी आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। पुलिस की एक विशेष टीम उसकी लोकेशन का पीछा करते हुए गोरखपुर तक पहुंच गई थी, लेकिन वह वहां भी पुलिस के हाथ नहीं लग सकी। हालांकि, उसने पुलिस के सामने अपना बयान कहां पर दर्ज कराया है, इस स्थान की अभी तक कोई निश्चित पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज और इनाम राशि में बढ़ोतरी
घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी न होने के कारण पुलिस के उच्चाधिकारियों ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर उच्चाधिकारियों ने सख्त कदम उठाते हुए डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को उनके पद से हटाकर सीधे पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसके साथ ही हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। हालांकि इतनी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होने के बावजूद लाइन हाजिर किए गए इंस्पेक्टर विक्रम सिंह अभी भी फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष पुलिस टीम का हिस्सा बने हुए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में अपराधियों पर दबाव बनाने के लिए रविवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया। पुलिस प्रशासन ने फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम की राशि को सीधे 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। पुलिस की कई अन्य टीमें भी आरोपियों की तलाश में लगातार विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
आत्महत्या के दावों से उलझी पुलिस जांच और बढ़ता टकराव
फरार चल रही आरोपी महिला श्रद्धा ने इस बार भी अपनी तरफ से घटना को पूरी तरह से आत्महत्या करार दिया है। उसने इस बार भी वही बातें दोहराई हैं, जो उसने इससे पहले नेपाल से जारी किए गए एक वीडियो में कही थीं। उसके इस तरह के बयानों के सामने आने के बाद मामले में आरोपित पक्ष की ओर से पेश किए जा रहे दावों और पुलिस की चल रही गहन जांच के बीच टकराव काफी हद तक बढ़ गया है। हालांकि पुलिस और अन्य प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अभी तक श्रद्धा के इन सभी दावों की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या माध्यम से पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस लगातार उसके बयानों और वीडियो की सच्चाई का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इन बयानों के कारण पूरे मामले में नए कानूनी पेंच फंसते नजर आ रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच अधिकारी अब उसके द्वारा दिए गए बयानों के हर एक पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और फरार चल रहे बाकी सभी आरोपियों को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।