सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की सघन छानबीन
लखनऊ पुलिस की टीम ने शिवा शर्मा प्रकरण में श्रद्धा दुबे की भूमिका सामने आने के बाद उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। इसी कानूनी जांच के सिलसिले में लखनऊ क्राइम ब्रांच और एसओजी की एक विशेष टीम भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित भगवानपुर क्षेत्र में पहुंच गई है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या श्रद्धा दुबे ने इस सीमावर्ती इलाके से होकर कोई आवाजाही की है या वह यहां कहीं छिपी हो सकती है। पुलिस टीम ने पूरे इलाके की भौगोलिक स्थिति का आकलन किया है और सीमा के करीब होने के कारण इसे एक संवेदनशील अभियान के रूप में देख रही है। स्थानीय पुलिस चौकी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जांच दल ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है ताकि मामले से जुड़ी किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को पकड़ा जा सके। अब तक पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन टीम की मौजूदगी से इलाके में हलचल मची हुई है।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए सुराग जुटाने की कोशिश
भगवानपुर पुलिस चौकी के प्रभारी अजय कुमार ने पुष्टि की है कि लखनऊ से आई पुलिस टीम इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच दल का प्राथमिक फोकस भगवानपुर के बाजार और मुख्य मार्गों पर स्थित दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना है। पुलिस यह जांच रही है कि क्या श्रद्धा दुबे की कोई गतिविधि इन कैमरों में कैद हुई है। फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा पुलिस टीम उन सभी स्थानों की भी तलाशी ले रही है जहां के सीसीटीवी कैमरों से कोई सुराग मिलने की उम्मीद है। स्थानीय साक्ष्यों को इकट्ठा करना और फुटेज का विश्लेषण करना ही इस समय टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रभारी अजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण से संबंधित अन्य कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल लखनऊ पुलिस ही दे सकती है, क्योंकि वे ही मुख्य जांच का नेतृत्व कर रहे हैं।
शिवा शर्मा प्रकरण और जांच की दिशा
यह पूरी कार्रवाई शिवा शर्मा प्रकरण के संदर्भ में शुरू हुई है, जिसमें श्रद्धा दुबे का नाम आने के बाद से ही लखनऊ पुलिस उसकी खोजबीन कर रही है। सीमावर्ती क्षेत्र भगवानपुर में पुलिस की सक्रियता का मुख्य कारण श्रद्धा के संभावित ठिकानों या उसके भागने के रास्तों का पता लगाना है। हालांकि अब तक जांच में कोई ऐसी जानकारी सामने नहीं आई है जिसे आधिकारिक तौर पर साझा किया जा सके, लेकिन पुलिस टीम किसी भी संभावित साक्ष्य को छोड़ने के पक्ष में नहीं है। पुलिस विभाग स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर अपनी जांच को आगे बढ़ा रहा है ताकि मामले की सच्चाई तक पहुंचा जा सके। यह जांच आने वाले समय में और अधिक विस्तृत हो सकती है क्योंकि पुलिस अब संदिग्धों के नेटवर्क को भी खंगालने की तैयारी में है। आम जनता के लिए यह मामला एक गंभीर विषय बन चुका है और पुलिस की मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां श्रद्धा दुबे की तलाश में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती हैं।