Lucknow Desk : नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। इस आपदा में करीब एक हजार नेपाली और विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है। इनमें लगभग 105 भारतीय पर्यटकों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद नेपाल और भारत दोनों देशों में राहत और बचाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने नेपाल में हुई जनहानि और तबाही पर दुख जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। भारत सरकार की ओर से नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नेपाल में आई इस आपदा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल सीमा से लगे जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद महराजगंज जिला प्रशासन ने भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जिले का बड़ा हिस्सा तराई क्षेत्र में होने के कारण नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीमें सोहगीबरवा क्षेत्र में पहुंचीं। यहां मॉक ड्रिल के जरिए बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया। इस दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि अचानक बाढ़ आने की स्थिति में क्या सावधानी बरतनी चाहिए और किन स्थानों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी सूचना का ही भरोसा करें। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी कहा गया है।
प्रशासन की जागरूकता के बाद कुछ लोगों ने एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी संभावित बाढ़ या आपदा से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां पूरी रखी जा रही हैं। संवेदनशील गांवों, सीमावर्ती क्षेत्रों और नदियों के आसपास लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया है। जिन लोगों का अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, वे इस नंबर पर जानकारी देकर मदद ले सकते हैं। नेपाल की आपदा के बाद महराजगंज प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान तुरंत शुरू किया जाएगा।