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आत्मिक सम्मेलन: सेंट थॉमस चर्च में तीसरे दिन गूंजे मसीही गीत और उपदेश

डायसिस ऑफ लखनऊ के सेंट थॉमस चर्च धरमपुर में चल रहे आत्मिक सम्मेलन का शनिवार को तीसरा दिन था। इस धार्मिक आयोजन के दौरान पवित्र ग्रंथों के पाठ के साथ विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने धर्म के संदेश दिए।

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Ankit Yadav
18 अक्ट 2026, 15:42
आत्मिक सम्मेलन: सेंट थॉमस चर्च में तीसरे दिन गूंजे मसीही गीत और उपदेश

धरमपुर चर्च में आयोजित हुआ आत्मिक सम्मेलन

डायसिस ऑफ लखनऊ के प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत स्थित सेंट थॉमस चर्च धरमपुर में इन दिनों धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला चल रही है जिसका शनिवार को तीसरा दिन था। इस सम्मेलन की शुरुआत संध्या बेला में एक सुंदर मसीही गीत के गायन के साथ की गई थी। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों और विश्वासी समुदाय को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ाना तथा धार्मिक उपदेशों के माध्यम से उन्हें जीवन की सही राह दिखाना है। कार्यक्रम के प्रारंभ में गाए गए इस भक्ति गीत ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और पूरे परिसर का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक तथा शांत हो गया। इस विशेष शाम के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दूर-दूर से मसीही विश्वासी और तमाम गणमान्य लोग चर्च परिसर में पहुंचे थे। शाम ढलते ही चर्च के भीतर और बाहर का पूरा माहौल प्रार्थना और संगीत की धुनों से गूंज उठा जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध नजर आया और उसने इस आयोजन में पूरी श्रद्धा के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

पादरी संजय विंसेंट और वक्ता अभिषेक मुरार का संबोधन

इस धार्मिक आयोजन की मुख्य कार्यवाही पादरी संजय विंसेंट की देखरेख और निर्देशन में संपन्न हुई। उनके नेतृत्व में भागलपुर से चलकर एक विशेष वक्ता के रूप में पास्टर अभिषेक मुरार इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए पधारे थे। पास्टर अभिषेक मुरार ने पवित्र बाइबल ग्रंथ के पांचवें अध्याय की सोलहवीं आयत का पाठ किया और उसके विभिन्न गहरे भेदों को वहां मौजूद सभी अनुयायियों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि मनुष्य के जीवन में समय ही ईश्वर की तरफ से भेजा गया सबसे कीमती तोहफा है। उन्होंने समझाया कि बीता हुआ समय कभी भी पीछे लौटकर वापस नहीं आता है इसलिए जीवन के हर एक अवसर को बहुत संभालकर उपयोग करना चाहिए। आज के आधुनिक और व्यस्त दौर में पाप, मोह, माया और तमाम तरह की व्यर्थ की बातें मनुष्य का कीमती समय चुरा लेती हैं जिनसे हर विश्वासी को बचना चाहिए। इस दौरान चर्च के क्वायर दल ने एक से बढ़कर एक मधुर और कर्णप्रिय धार्मिक गीतों की प्रस्तुतियां दीं जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके अलावा, अमन मुरार ने इस पूरी प्रार्थना सभा में प्रेज एंड वरशिप का संचालन किया और सभी को संगीत के माध्यम से ईश्वर की आराधना से जोड़ा।

बड़ी संख्या में पहुंचे मसीही विश्वासी और गणमान्य लोग

शनिवार को आयोजित इस संध्याकालीन धार्मिक कार्यक्रम में मसीही समुदाय के लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस अवसर पर पादरी संजय विंसेंट के साथ-साथ विमलेश जोजफ, अजीत डेविड और लेफ्टिनेंट अमित मसीह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अलावा नेहा चरन, रश्मि विलियम, रितेश गुप्ता और विजय मसीह जैसे कई प्रमुख विश्वासी भी इस सभा का हिस्सा बने। अल्फ्रेड मकाटी और डेंजिल मसीह सहित शहर के तमाम अन्य मसीही विश्वासी भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए चर्च पहुंचे थे। इतने बड़े पैमाने पर लोगों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि इस प्रकार के आत्मिक सम्मेलनों का समुदाय के जीवन में कितना अधिक महत्व होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी विश्वासी एक साथ मिलकर प्रार्थना करने और अपने धार्मिक व आध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ाने का अवसर प्राप्त करते हैं। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और शांति का संदेश प्रसारित होता है जो हर धर्म के अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। सम्मेलन के सफल संचालन से चर्च समिति और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं में गहरी संतुष्टि और प्रसन्नता का भाव देखा गया।

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