महानवमी पर कन्या भोज और विशेष सामग्री वितरण
नवयुवक दुर्गा समिति की तरफ से महानवमी के पावन दिन पर विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय स्तर पर कई महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान राधिका और मंजू के साथ-साथ सुनीता तथा रश्मि भी वहां मौजूद थीं। इसके अतिरिक्त रुचि और शिवांशी समेत तमाम अन्य महिलाएं भी इस आयोजन का हिस्सा बनीं। समिति की ओर से आमंत्रित की गई कन्याओं को पारंपरिक भोजन पूरी श्रद्धा के साथ परोसा गया। भोजन ग्रहण करने के उपरान्त प्रत्येक कन्या को आशीर्वाद स्वरूप दक्षिणा प्रदान की गई। दक्षिणा के साथ ही कन्याओं को उपहार के रूप में बर्तन भी दिए गए जिससे बच्चों और उनके परिजनों में काफी प्रसन्नता देखने को मिली। इस संपूर्ण प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में उपस्थित महिलाओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई और सभी व्यवस्थाओं को बहुत ही अनुशासन के साथ पूरा किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही एक उत्साहपूर्ण और भक्तिमय वातावरण बना रहा था।
विशाल भंडारे का आयोजन और प्रसाद की व्यवस्था
समिति के अध्यक्ष संतोष साहू ने मीडिया को जानकारी दी कि नवमी के खास मौके पर एक बहुत बड़े भंडारे का भी प्रबंध किया गया था। इस विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर प्रसाद ग्रहण किया। समिति की ओर से तैयार किए गए भोजन के मैन्यू में कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन शामिल किए गए थे। श्रद्धालुओं के खाने के लिए विशेष रूप से गरमागरम सब्जी और पूड़ी परोसी गई। इसके अलावा भोजन के साथ रायता और पुलाव की भी सुंदर व्यवस्था की गई थी ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मीठे के शौकीन लोगों के लिए प्रसाद में बूंदी और सेव की भी पूरी व्यवस्था रखी गई थी। इन सभी व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए दूर-दूर से कई लोगों ने भंडारे में हिस्सा लिया और प्रसाद प्राप्त किया। भोजन की गुणवत्ता और परोसने की व्यवस्था को देखकर सभी भक्तों ने समिति के प्रयासों की सराहना की। भंडारे का यह सिलसिला दोपहर से शुरू होकर काफी देर तक लगातार चलता रहा जिसमें हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया।
स्थानीय निवासियों और सहयोगियों का सराहनीय योगदान
इस भव्य आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झांसी के स्थानीय निवासियों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति के अध्यक्ष के अलावा कई युवाओं और नागरिकों ने मिलकर व्यवस्था की कमान संभाली थी। आयोजन को सफल बनाने में देवेंद्र ने अपना कीमती समय दिया और हरसंभव मदद पहुंचाई। उनके साथ ही हिमांशु सिंह परिहार और अभिषेक सिंह परिहार ने भी अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। इस कार्य में हर्ष परिहार तथा ध्रुव परिहार ने भी सहर्ष अपनी सेवाएं प्रदान कीं। धीरेन्द्र सिंह परिहार और प्रमोद साहू जैसे सक्रिय लोगों ने भी हर कदम पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त आराध्य वर्मा समेत कई अन्य स्थानीय निवासियों ने भी तन-मन से इस कार्य में पूरा सहयोग दिया। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो और प्रसाद वितरण शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके। स्थानीय लोगों के इस आपसी सहयोग और समर्पण की वजह से ही यह धार्मिक कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।