मां पाटेश्वरी मंदिर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 अक्टूबर 2026 को बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे। शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित विशेष अनुष्ठानों में मुख्यमंत्री ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। मां पाटेश्वरी का यह मंदिर क्षेत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र शक्तिपीठों में गिना जाता है, जहां नवरात्र के पावन दिनों में भक्तों का भारी जनसमूह उमड़ता है। मंदिर परिसर में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने विधि-विधान के साथ देवी की पूजा और अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। नवरात्रि का पहला दिन होने के कारण उन्होंने मां शैलपुत्री की आराधना में समय बिताया और घटस्थापना की प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया। मंदिर के वातावरण में भक्ति की लहर छाई हुई थी और मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया। इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से उन्होंने देवी की कृपा के लिए प्रार्थना की और राज्य के कल्याण की कामना की।
कन्या पूजन और प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान
मंदिर परिसर के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने वहां पारंपरिक कन्या पूजन का अनुष्ठान किया, जो नवरात्रि के दौरान बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही, 'देवीपाटन: शिक्षा की उड़ान' शीर्षक से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की शैक्षिक प्रगति को प्रोत्साहित करना था। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर ताइक्वांडो जैसी कठिन प्रतियोगिताओं में अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 'मेरा जनपद-मेरा प्रदेश' पहल के अंतर्गत बच्चों द्वारा बनाई गई रंग-बिरंगी चित्रकलाओं की एक प्रदर्शनी भी वहां लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉल्स का बारीकी से निरीक्षण किया और उपस्थित बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन किया, जिससे वहां मौजूद अभिभावक और अन्य नागरिक काफी प्रेरित नजर आए।
धार्मिक महत्व और शिक्षा पर विशेष जोर
शारदीय नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। बलरामपुर का मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ इसी धार्मिक परंपरा के केंद्र में स्थित है, जहां प्रतिवर्ष लाखों भक्त अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री का इस मंदिर में आना और स्थानीय स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों में शामिल होना एक सकारात्मक संदेश देता है। शिक्षा विभाग के माध्यम से आयोजित की गई पेंटिंग प्रदर्शनी और सम्मान समारोह के जरिए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक और शैक्षणिक विकास को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों और अभिभावकों के साथ बातचीत कर शिक्षा के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस प्रकार, यह आयोजन परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने न केवल धार्मिक आस्था को बल दिया बल्कि युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा भी प्रदान की।