कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
धर्म

धर्म का उत्सव: आशियाना के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व

लखनऊ के आशियाना स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान त्याग धर्म का उत्सव मनाते हुए जैन समाज के लोगों ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।

A
Ankit Yadav
24 सित 2026, 10:50
धर्म का उत्सव: आशियाना के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व

महावीर दिगंबर जैन मंदिर में अनुष्ठान राजधानी के आशियाना क्षेत्र में स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर इन दिनों धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का मुख्य केंद्र बना हुआ है जहाँ जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक दशलक्षण महापर्व अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर को बेहद आकर्षक तरीके से सजाया गया है और प्रतिदिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है जो भगवान जिनेन्द्र की आराधना में तल्लीन नजर आते हैं। इस पावन पर्व के दौरान मुख्य रूप से त्याग धर्म पर विशेष जोर दिया जा रहा है जिसके तहत उपासक अपनी इच्छाओं पर संयम रखते हुए आत्मशुद्धिकरण के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। मंदिर कमेटी की ओर से विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतिय़ों का आयोजन किया गया है जिसमें जैन समाज के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। सामूहिक पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है और हर कोई इस आध्यात्मिक अवसर का पूर्ण लाभ उठाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ जुटा हुआ है।

दशलक्षण पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व जैन परंपरा में दशलक्षण महापर्व जिसे पर्वाधिराज पर्युषण के अंतर्गत भी विशेष स्थान प्राप्त है, आत्म-संयम, क्षमा, आत्मकल्याण और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम माना जाता है। इस दस दिवसीय उत्सव के दौरान जैन अनुयायी उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य इन दस धर्मों की आराधना करते हैं जो मानव जीवन को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। लखनऊ जैसे महानगर में जब लोग आधुनिक दौड़भाग और भौतिकवादी संस्कृति में उलझे रहते हैं, तब ऐसे धार्मिक आयोजन उन्हें अपनी प्राचीन जड़ों, संस्कारों और नैतिक कर्तव्यों से जुड़ने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करते हैं। आशियाना के इस प्रमुख दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित होने वाले ये अनुष्ठान न केवल स्थानीय जैन समुदाय को एकजुट करते हैं बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लोगों को भी अहिंसा, परोपकार और सादगीपूर्ण जीवनशैली का संदेश देने का काम करते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से रूबरू होने का बेहतरीन मौका मिलता है जिससे सांस्कृतिक धरोहर पीढ़ियों तक सुरक्षित बनी रहती है।

आगामी कार्यक्रमों और समुदाय की प्रतिक्रिया महावीर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे इन आयोजनों के आगामी दिनों में और अधिक भव्य होने की संभावना है क्योंकि पर्व के अंतिम चरणों में विशेष हवन, शांतिधारा और महामस्तकाभिषेक जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। मंदिर प्रबंधन समिति ने जानकारी दी है कि इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबियों के पहुंचने की उम्मीद है जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे आयोजनों से मानसिक शांति मिलती है और समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा तथा सकारात्मकता का प्रसार होता है। इस महापर्व के समापन पर एक विशाल सामूहिक क्षमावाणी पर्व का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी लोग जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगेंगे और अपने मन के द्वेष भाव को समाप्त करेंगे। इस प्रकार यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और मानसिक पुनरुत्थान का भी एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है, जिसकी गूंज पूरे आशियाना क्षेत्र के साथ-साथ राजधानी के धार्मिक गलियारों में भी स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज