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लाट मस्जिद विवाद: मध्य प्रदेश के धार में हिंदू संगठनों द्वारा विजय मंदिर होने का दावा और आगामी 'वराह मार्च'
मध्य प्रदेश के धार जिले में लाट मस्जिद को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जहाँ हिंदू संगठनों ने इसे प्राचीन विजय मंदिर बताने का दावा किया है और आने वाले दिनों में वराह मार्च निकाले जाने की घोषणा की है।
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Ankit Yadav
15 सित 2026, 15:50
मध्य प्रदेश के धार जिले में ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर से गहमागहमी बढ़ती हुई नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम के तहत यहाँ की प्रसिद्ध लाट मस्जिद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जहाँ स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस स्थल पर अपना प्राचीन धार्मिक दावा पेश किया है। इन समूहों का दृढ़ विश्वास है कि वर्तमान संरचना के नीचे मूल रूप से एक ऐतिहासिक विजय मंदिर स्थित था, जिसके बाद से क्षेत्र का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ने लगा है। इस नए दावे ने प्रशासनिक हलकों में भी सतर्कता बढ़ा दी है, क्योंकि ऐसे संवेदनशील मामलों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती रहती हैं।
वराह मार्च का ऐलान और प्रशासनिक सतर्कता
हिंदू संगठनों की तरफ से इस पूरे मामले पर अपनी बात को पुरजोर तरीके से सामने रखने के लिए कल यानी मंगलवार को 'वराह मार्च' निकाले जाने का बड़ा ऐलान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा, लेकिन इस तरह के आयोजनों के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में बनी रहे। स्थानीय प्रशासन दोनों पक्षों से लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
धार का यह इलाका पहले भी ऐतिहासिक संरचनाओं और स्मारकों से जुड़े दावों को लेकर चर्चाओं में रहा है, जिसके कारण इस ताजे विवाद को स्थानीय स्तर पर काफी तूल मिल रहा है। इस प्रकार की घटनाओं से क्षेत्र की सामाजिक आबोहवा पर असर पड़ने की संभावना बनी रहती है, जिसे देखते हुए खुफिया एजेंसियां और पुलिस बल पूरी तरह से सक्रिय मोड में आ गए हैं। संगठनों द्वारा प्रस्तावित मार्च को लेकर शहर के व्यापारियों और आम नागरिकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है, और हर कोई प्रशासन के अगले कदमों पर अपनी नजरें टिकाए हुए है।
आने वाले समय में इस विवाद के और अधिक तूल पकड़ने के आसार नजर आ रहे हैं, क्योंकि हिंदू पक्ष अपने दावों को ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर सही ठहराने की बात कह रहा है। दूसरी ओर, स्थानीय प्रशासन और शांति समिति के सदस्यों की कोशिश यही है कि शहर में किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव न फैले और आपसी सौहार्द बना रहे। जैसे-जैसे 'वराह मार्च' का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे पुलिस प्रशासन की चौकसी और अधिक कड़ी होती जा रही है ताकि हर स्थिति पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके।