जुनेदपुर गांव की प्राचीन हीस बाबा मंदिर में चोरों का धावा
ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जुनेदपुर गांव में एक बड़ी और चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। इस गांव में स्थित बहुत पुराना और प्रतिष्ठित हीस बाबा का मंदिर चोरों के निशाने पर आ गया। गुरुवार की रात को लगभग 12 बजे के समय अज्ञात चोरों ने इस धार्मिक स्थल को अपना निशाना बनाया। चोरों ने मंदिर के भीतर घुसकर बेहद शातिर तरीके से भारी-भरकम और कीमती सामान समेट लिया। चोर अपने साथ पीतल के कई बड़े घंटे चुरा ले गए जिनका कुल वजन ढाई क्विंटल था। इसके अलावा चोर मंदिर में रखे घी के कई टीन और बिजली के बैकअप के लिए उपयोग होने वाला इनवर्टर तथा बैटरी भी उठा ले गए। घटना को अंजाम देने के बाद सभी चोर मौके से आसानी से फरार होने में सफल हो गए। रात के सन्नाटे में हुई इस वारदात की भनक किसी को भी तुरंत नहीं लग सकी जिसके कारण चोरों को पर्याप्त समय मिल गया। शुक्रवार की सुबह जब छह बजे ग्रामीण पूजा-पाठ या अन्य दैनिक कार्यों के लिए मंदिर पहुंचे तब उन्हें इस चोरी के बारे में पता चला। मंदिर के अंदर से भारी मात्रा में सामान गायब देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इस बात की सूचना पूरे गांव में फैल दी। सुबह सवेरे ही मंदिर परिसर में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और इस दुस्साहसिक घटना को लेकर आपस में चर्चा करने लगे।
ग्रामीणों की नाराजगी और पुलिस को दी गई औपचारिक शिकायत
जुनेदपुर गांव के प्राचीन मंदिर में हुई इस बहुमूल्य सामान की चोरी के बाद स्थानीय निवासियों में जबरदस्त गुस्सा फैल गया। ग्रामीणों का कहना था कि धार्मिक स्थल को इस तरह से निशाना बनाया जाना बहुत ही निंदनीय कृत्य है और इससे लोगों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण तुरंत एकजुट हुए और उन्होंने इस मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने दनकौर कोतवाली पहुंचकर अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित शिकायत दी और इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने की मांग रखी। स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि इस मंदिर में सुरक्षा के लिहाज से कोई स्थायी पुजारी नहीं रहता था। मंदिर में रात के समय कोई देखरेख करने वाला व्यक्ति मौजूद नहीं होता था और इसी बात का पूरा फायदा उठाकर चोरों ने इस आपराधिक घटना को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने पुलिस के सामने यह भी मांग रखी कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि चोरी गया सारा सामान सुरक्षित वापस मिल सके। पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और मंदिर के आसपास के हालात का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सभी ग्रामीणों को पूरी तरह से आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी भी कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों के भीतर चोरों की सही पहचान कर ली जाएगी और उन्हें कानून के दायरे में लाकर पकड़ लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की भारी आस्था और मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जुनेदपुर गांव में स्थित हीस बाबा का यह पवित्र मंदिर बहुत प्राचीन है और इसका इस इलाके के लोगों के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस स्थान पर केवल गांव के लोग ही नहीं बल्कि दूर-दूर से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु रोजाना पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। हीस बाबा के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा है और यहां विशेष अवसरों पर काफी चहल-पहल देखने को मिलती है। मंदिर में कोई स्थायी पुजारी न होने के कारण यह पूरी तरह से ग्रामीणों और आने वाले भक्तों की देखरेख पर निर्भर रहता है। इतनी बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं के आने जाने वाले इस प्रतिष्ठित स्थल पर चोरी होने से पूरे क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस अब इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरों का यह गिरोह कहां से आया था। पिछले कुछ समय से इस तरह के मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लोगों की नजरें टिकी रहती हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों के पूजा स्थलों और मंदिरों में सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दे दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।