राम मंदिर परिसर में प्रवेश के नए नियम
राम मंदिर के यात्री सुविधा केंद्र परिसर में प्रवेश पाने के लिए अब कर्मचारियों को केवल अपना पहचान पत्र दिखाना पर्याप्त नहीं है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए प्रवेश प्रक्रिया को अत्यंत सख्त बना दिया है। अब प्रत्येक कर्मचारी को दो अलग-अलग स्थानों पर रजिस्टर में अपना पूरा विवरण दर्ज करना अनिवार्य है। इस विवरण में कर्मचारी को अपना नाम, मोबाइल नंबर, आगमन का सटीक समय और मंदिर परिसर में प्रवेश करने का स्पष्ट उद्देश्य लिखना पड़ता है। इसके अलावा, कर्मचारी को अपने दायित्व के बारे में भी जानकारी देनी होती है। परिसर के भीतर स्थित गणना कक्ष की सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट ने विशेष सावधानी बरती है। इस कक्ष में किसी भी अनधिकृत ट्रस्ट कर्मी का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन को अधिक सुरक्षित बनाना है।
सीईओ जितेंद्र मिश्र की निगरानी में बदलाव
चढ़ावे के पैसों की चोरी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने पहली बार सीईओ के पद पर नियुक्ति की है। जितेंद्र मिश्र ने पदभार संभालने के बाद 21 सितंबर से नियमित रूप से यात्री सुविधा केंद्र स्थित अपने कार्यालय से कामकाज शुरू किया है। उनका कार्यालय वहीं आवंटित किया गया है, जहां चढ़ावे की गणना का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होता है। वे अपने कार्यालय से ही पूरे परिसर की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की अव्यावहारिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। सीईओ ने कई बार कर्मचारियों के साथ बैठकें की हैं और उन्हें कड़े निर्देश दिए हैं। उनकी सख्ती का ही परिणाम है कि अब कोई भी कर्मचारी अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले जा सकता है, हालांकि प्रभारियों को इस नियम से कुछ हद तक छूट दी गई है। प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मचारी और रजिस्टर के बिना किसी को भी सीईओ के कार्यालय के भीतर जाने की अनुमति नहीं है।
सोशल मीडिया रील और भविष्य की निगरानी
राम मंदिर परिसर में मोबाइल के माध्यम से रील बनाने वाले ट्रस्ट के यू-ट्यूबर कर्मियों पर भी अब प्रशासन की पैनी नजर है। ट्रस्ट ने उन कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है जो मंदिर परिसर में रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। दो दिन पहले ही सीईओ जितेंद्र मिश्र ने संबंधित कर्मियों के इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब अकाउंट पर रील देखने के बाद उन्हें तलब किया और भविष्य के लिए सख्त हिदायत दी है। अब मंदिर प्रशासन की नजर उन अर्चकों पर भी टिकी है जो रामलला के गर्भगृह के भीतर रील बनाकर पोस्ट करते हैं। चढ़ावा चोरी जैसी घटनाओं के बाद यह कदम मंदिर की दैनिक गतिविधियों और श्रद्धालु सुविधाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उठाए गए हैं। प्रशासन अब मंदिर की वित्तीय सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और भविष्य में भी निगरानी के कड़े मापदंड लागू रहेंगे।