सड़क दुर्घटना का घटनाक्रम और रेस्क्यू
बुधवार की तड़के करीब पांच बजे रामसनेहीघाट कोतवाली के अंतर्गत बैसनपुरवा गांव के समीप यह दुर्घटना घटित हुई। लखनऊ की ओर से अयोध्या की दिशा में जा रहा मैजिक वाहन अचानक एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया। इस जोरदार टक्कर के कारण मैजिक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर ही कैद हो गया। सूचना मिलते ही रामसनेहीघाट पुलिस के साथ अग्निशमन दल और एम्बुलेंस के चिकित्सा कर्मी मौके पर पहुंच गए। चालक केबिन के भीतर इस कदर फंसा था कि उसे सामान्य तरीके से बाहर निकालना लगभग असंभव था। घटनास्थल पर मौजूद बचाव दल ने कटर का उपयोग किया और कड़ी मशक्कत के बाद वाहन के केबिन को काटकर युवक को बाहर सुरक्षित निकाला। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेस्क्यू अभियान में शामिल टीमों को युवक को बाहर निकालने के लिए काफी समय तक संघर्ष करना पड़ा।
घायल चालक की पहचान और उपचार व्यवस्था
इस दुर्घटना में बुरी तरह घायल चालक की पहचान 21 वर्षीय सोनू रस्तोगी के रूप में की गई है। सोनू लखनऊ के गुडंबा थाना अंतर्गत कुर्सी रोड के जानकीपुरम इलाके का निवासी है और वह नीरज रस्तोगी का पुत्र है। उसे वाहन से बाहर निकालने के बाद तत्काल एम्बुलेंस कर्मी अनिल कुमार और चालक नरेंद्र सिंह उसे लेकर रामसनेहीघाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। एम्बुलेंस संख्या यूपी 32 एफजी 0683 के माध्यम से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई। हालांकि, चोटें अत्यधिक गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर करने का निर्णय लिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ। रमेश चंद्र ने स्पष्ट किया कि मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे विशेष स्वास्थ्य देखभाल और अधिक जांचों के लिए जिला अस्पताल भेजना आवश्यक हो गया था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व स्थानीय कोतवाली के अधिकारियों ने किया ताकि समय रहते युवक को चिकित्सकीय सहायता मिल सके।
घटनास्थल की स्थिति और पुलिस की भूमिका
रामसनेहीघाट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि सड़क मार्ग पर हुए इस हादसे के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से सहायता कार्य शुरू किए। उन्होंने जानकारी दी कि मैजिक चालक को सुरक्षित केबिन से निकालकर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पुलिस, दमकल और एम्बुलेंस के बीच बेहतर तालमेल देखा गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रियाएं अपनाई हैं ताकि मामले में अगला कदम उठाया जा सके। इस दुर्घटना ने लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा मानकों और सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद युवक की स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता ने युवक को समय रहते इलाज मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे आगे के उचित उपचार की राह प्रशस्त हो सकी है।