नेपाल में आई बाढ़ से भारत को क्यों चिंता होनी चाहिए?
CJP Protest LIVE : दिल्ली पुलिस ने मानी कॉकरोचों की मांग, FIR में SC-ST एक्ट जोड़ा; 307 पर क्या बोली
कल का मौसम 5 सितंबर: 12 घंटे के भीतर 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 75 की स्पीड से हवा; IMD का अपडेट
निशांत कुमार को माला पहनाते ही बड़ा कांड! JDU नेता के गले से 7 लाख की चेन ले उड़े चोर
'जरदारी और मुनीर में छिड़ी जंग, पाकिस्तान में मार्शल लॉ का खतरा', अल्ताफ हुसैन ने दी बड़ी चेतावनी
US ने ईरान में शादी वाले घर पर किया हमला, जेडी वेंस बोले- नागरिकों को निशाना...
नशे में विमान उड़ा रहा था पायलट... फुकेट-दिल्ली Air India विमान हादसे की सामने आई रिपोर्ट
Patna Flood: गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, 1500 परिवार बेघर, सभी 108 सुरक्षा गेट बंद होंगे
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
सांस्कृतिक महाकुंभ: बेंगलुरु में बिहार महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ और प्रवासियों से अपील
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बिहार महोत्सव-2026 की शुरुआत हो चुकी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से अपनी जन्मभूमि के विकास और उत्थान में सक्रिय सहयोग देने का विशेष आह्वान किया है।
A
Ankit Yadav
04 सित 2026, 16:49
देश के दक्षिणी हिस्से में सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला है, जहां बेंगलुरु शहर में आधिकारिक तौर पर बिहार महोत्सव-2026 का आयोजन शुरू हो चुका है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्नाटक में रहने वाले बिहार के मूल प्रवासियों को अपनी संस्कृति, लोक कला, खान-पान और पारंपरिक मूल्यों के साथ जोड़े रखना है। महोत्सव के उद्घाटन समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिससे एक भव्य और उत्सव का माहौल बन गया।
प्रवासी बिहारियों की भूमिका पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दक्षिण भारत में रह रहे तमाम प्रवासी बिहारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग देश के कोने-कोने में अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन अपनी मातृभूमि के प्रति उनका कर्तव्य कभी समाप्त नहीं होता। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे अपनी जन्मभूमि बिहार के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रवासियों के अनुभव और निवेश से राज्य को नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं।
सांस्कृतिक विविधता और आपसी जुड़ाव का प्रतीक
यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह दो अलग-अलग राज्यों और संस्कृतियों के बीच सेतु का काम करता है। इस तरह के आयोजनों से न केवल प्रवासियों को अपने घर-परिवार की यादों से जुड़ने का मौका मिलता है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, लोक संगीत, नृत्य और प्रसिद्ध व्यंजनों के बारे में जानने का अवसर प्राप्त होता है। आयोजकों का मानना है कि ऐसे सम्मेलनों से आपसी भाईचारा और मजबूत होता है तथा देश की विविधता में एकता का संदेश दूर-दूर तक जाता है।
भविष्य की योजनाएं और विकास की उम्मीदें
कार्यक्रम के समापन की ओर बढ़ते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें बिहार में निवेश के नए अवसरों और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष फोकस रहा। सरकार द्वारा प्रवासियों को राज्य में उद्योग स्थापित करने और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि बेंगलुरु के इस महोत्सव के बाद से अन्य महानगरों में भी ऐसे आयोजनों की श्रृंखला तेज होगी, जिससे प्रवासी समुदाय अपनी जड़ों से और अधिक मजबूती से जुड़ पाएगा और बिहार के पुनरुद्धार की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा सकेगा।