मां बिजासन धाम में पहला दिन
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में स्थित मां बिजासन धाम में शारदीय नवरात्र के पावन पर्व के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सुबह से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और चारों तरफ माता के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। हर साल नवरात्र के अवसर पर इस मंदिर में दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं। इस बार भी उत्सव का माहौल बहुत ही उत्साहजनक है और स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया है जो आने वाले सभी लोगों का मन मोह रहा है। लोग अपने परिवार के साथ माता के दर्शन कर रहे हैं और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
नब्बे किलो चांदी से सजा गर्भगृह
इस बार शारदीय नवरात्र के खास मौके पर मां बिजासन धाम के गर्भगृह को नब्बे किलो शुद्ध चांदी से सजाया गया है जिससे उसका पूरा स्वरूप बेहद अलौकिक और चमकीला नजर आ रहा है। चांदी की चमक और मंदिर की सजावट ने यहाँ आने वाले सभी भक्तों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। गर्भगृह के अंदर की गई इस विशेष चांदी की कारीगरी और नक्काशी को देखने के लिए लोग खासे उत्सुक दिखाई दे रहे हैं। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस भव्य सजावट को पूरा करने में काफी समय और मेहनत लगी है ताकि माता के दरबार को सबसे अलग और सुंदर रूप दिया जा सके। गर्भगृह के भीतर माता की प्रतिमा के आसपास चांदी की चमक इस पावन अवसर पर मंदिर की सुंदरता को और अधिक बढ़ा रही है। दर्शन करने वाले सभी श्रद्धालु इस अद्भुत रूप की प्रशंसा कर रहे हैं और अपने मोबाइल तथा कैमरों में इस दृश्य को कैद कर रहे हैं।
शारदीय नवरात्र का धार्मिक महत्व
सनातन संस्कृति में शारदीय नवरात्र के इन नौ दिनों का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है जिसमें माँ दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मां बिजासन धाम जैसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों पर ऐसे विशेष अवसरों पर देश भर से श्रद्धालु माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं। इन दिनों में लोग अपने घरों और मंदिरों में घटस्थापना करते हैं और नौ दिनों तक लगातार व्रत रखकर देवी मां की आराधना करते हैं। इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और आस्था को मजबूत करने का काम करते हैं तथा लोगों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखते हैं। मंदिर में उमड़ने वाली यह भीड़ दर्शाती है कि लोगों के मन में देवी के प्रति कितनी गहरी और अटूट आस्था है। आगामी दिनों में भी यहाँ इसी प्रकार भक्तों का तांता लगा रहने की पूरी संभावना है और सभी लोग शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव का आनंद ले रहे हैं।