नवरात्र का शुभारंभ और भक्तों की भारी भीड़
मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विशेष आराधना का पर्व नवरात्र आज से शुरू हो गया है। इस धार्मिक उत्सव को लेकर देश भर के साथ-साथ देवभूमि उत्तराखंड के निवासियों में भी भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। घटस्थापना के साथ ही नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है और इसके पावन अवसर पर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। नवरात्र के ये पूरे नौ दिन देवभूमि उत्तराखंड के सभी प्रमुख और छोटे मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहेगा और लोग निरंतर पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते रहेंगे। सुबह के समय मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों ने लंबी कतारों में खड़े होकर मां के दर्शन किए और अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए। हर तरफ माता के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है और लोग इस पर्व को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। भक्तों की इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिरों में विशेष प्रबंध भी किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री धामी द्वारा पूजा और सुख-समृद्धि की कामना
इस शुभ अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना की और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूरे प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मां दुर्गा की कृपा से राज्य में अमन-चैन और खुशहाली बनी रहे। मुख्यमंत्री के इस अनुष्ठान में राज्य के कई अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए जिन्होंने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इसके साथ ही घटस्थापना के दिन विभिन्न धार्मिक स्थलों पर हवन और पूजन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। लोगों ने अपने घरों और आसपास के इलाकों में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की तथा इस पावन पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस प्रार्थना से राज्यभर के श्रद्धालुओं में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है तथा सभी लोग पूरे मन से इस नौ दिवसीय उत्सव में भाग ले रहे हैं।
भव्य सजावट और घरों में सज गए माता के दरबार
नवरात्र के इस पावन पर्व के आगमन को लेकर माता रानी के सभी मंदिरों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों को सुंदर और रंग-बिरंगे फूलों के साथ-साथ चमकीली झालरों से सजाया गया है जो देखने में अत्यंत मनोरम लग रहे हैं। फूलों की भीनी-भीनी खुशबू और रोशनी से जगमगाते मंदिर परिसर इस उत्सव के माहौल को और अधिक दिव्य बना रहे हैं। केवल सार्वजनिक मंदिरों में ही नहीं बल्कि आम लोगों के घरों में भी माता के दरबार सजाए गए हैं जहाँ कलश स्थापना के साथ नौ दिनों की पूजा शुरू हो गई है। घरों में हर दिन सुबह और शाम के समय माता की आरती की जाएगी और विशेष पकवानों का भोग लगाया जाएगा। इस पूरे अनुष्ठान से पूरा परिवेश पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है और हर आयु वर्ग के लोग इस धार्मिक उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। आने वाले नौ दिनों तक यह आध्यात्मिक माहौल इसी प्रकार बना रहेगा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से माता की आराधना की जाती रहेगी।