सूर्यकुंड परिसर का सौंदर्यीकरण कार्य
औरंगाबाद जिले के धार्मिक स्थल देव में आगामी महापर्व छठ को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां काफी तेज हो चुकी हैं। इस ऐतिहासिक स्थल पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक नई योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में प्रसिद्ध देव सूर्यकुंड को एक नया, भव्य और अधिक आकर्षक स्वरूप प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण योजना के तहत सूर्यकुंड की सभी सीढ़ियों पर मजबूत ग्रेनाइट स्टोन लगाए जाने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही पूरे विशाल परिसर में उच्च गुणवत्ता वाला रेड सैंडस्टोन बिछाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इन तमाम विकास एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को तय समय-सीमा के अनुसार केवल एक माह के भीतर पूरी तरह से मुकम्मल कर लेने का सख्त लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी द्वारा कार्यों की समीक्षा बैठक
विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने की और इसमें बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के कई प्रमुख अभियंता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पर्यटन प्रभारी अविनाश प्रकाश सहित तमाम संबंधित अधिकारियों ने सूर्यकुंड में चल रहे निर्माण कार्यों का पूरा विवरण साझा किया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि तय समय-सीमा के भीतर ही निर्माण कार्यों को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की यह शीर्ष प्राथमिकता है कि सूर्यकुंड पहुंचने वाले प्रत्येक व्रती और श्रद्धालु को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और उन्हें उत्कृष्ट वातावरण मिल सके।
छठ पर्व का कार्यक्रम और धार्मिक महत्व
देव का यह सूर्यकुंड औरंगाबाद के अत्यंत प्रसिद्ध और प्राचीन सूर्य मंदिर से जुड़ा एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां श्रद्धा के साथ आराधना करने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सूर्यकुंड के पवित्र जल में स्नान करने के पश्चात भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस वर्ष देव में चार दिवसीय कार्तिक छठ मेला आगामी 13 नवंबर से बहुत धूमधाम के साथ शुरू होने जा रहा है। इस पावन पर्व की शुरुआत 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ होगी, जिसके बाद 14 नवंबर को खरना संपन्न किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 15 नवंबर की शाम को सभी व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे। महापर्व के अंतिम दिन यानी 16 नवंबर की सुबह को उगते हुए उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस महान अनुष्ठान का समापन होगा। इसी भव्य आयोजन को ध्यान में रखकर प्रशासन मेला शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे करना चाहता है।