गार्जियन बडी योजना की शुरुआत
संस्थान ने आधिकारिक रूप से 'गार्जियन बडी स्कीम' या जीबीएस का आरंभ कर दिया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत शहर के भीतर निवास करने वाले स्थानीय विद्यार्थियों को चुना जाएगा। ये स्थानीय छात्र उन नए विद्यार्थियों के मार्गदर्शक बनेंगे जो अन्य स्थानों से आकर परिसर के हॉस्टल में निवास कर रहे हैं। योजना के नियमों के अनुसार एक स्थानीय छात्र को हॉस्टल में रहने वाले कुल तीन विद्यार्थियों की सहायता करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य प्रयोजन यह सुनिश्चित करना है कि बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। योजना के लागू होने से नए विद्यार्थियों को तुरंत एक स्थानीय सहारा मिल जाएगा जो उनके दैनिक जीवन को बहुत आसान बना देगा। संस्थान का यह कदम परिसर के भीतर और बाहर के छात्रों के बीच एक मजबूत और सकारात्मक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
योजना के नियम और कार्यप्रणाली
इस विशेष योजना के सुचारू संचालन के लिए प्रबंधन ने कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसके तहत स्थानीय छात्र और हॉस्टल में रहने वाले छात्र एक ही जेंडर और समान वर्ष के होंगे ताकि उनके बीच आपसी तालमेल आसानी से बैठ सके। गार्जियन बडी की भूमिका निभाने वाले स्थानीय युवा अपने साथ जोड़े गए तीनों विद्यार्थियों को सभी प्रकार की आवश्यक मदद प्रदान करेंगे। इस सहायता में मुख्य रूप से शैक्षणिक मार्गदर्शन शामिल है जिससे नवागत छात्रों को अपनी पढ़ाई लिखाई सुचारू रूप से चलाने में पूरी मदद मिल सके। इसके अतिरिक्त ये स्थानीय मार्गदर्शक अपने नए साथियों को पूरे विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के स्थानीय वातावरण से पूरी तरह परिचित कराएंगे। जब एक ही वर्ष और समान जेंडर के छात्र आपस में मिलेंगे तो उनके बीच संवाद करना और विचारों का आदान-प्रदान करना बहुत सरल हो जाएगा। इस प्रकार बिना किसी संकोच के नए छात्र अपनी हर समस्या का समाधान अपने गार्जियन बडी से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और अपने अध्ययन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
विद्यार्थियों को अपनापन दिलाने का उद्देश्य
किसी भी नए शहर या उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेना विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा बदलाव होता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए ही इस अनूठी योजना की परिकल्पना की गई है। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य ध्येय नए विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई लिखाई, कॉलेज की विशिष्ट संस्कृति और यहां के सामाजिक माहौल को बेहतर ढंग से समझने में पूरी मदद देना है। जब कोई छात्र अपने घर परिवार से दूर किसी अनजान शहर में आता है तो उसे कई प्रकार की मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस योजना के माध्यम से संस्थान का प्रयास है कि प्रत्येक नवागत छात्र को इस नए शहर और अपने संस्थान में पूरी तरह अपनापन महसूस हो सके। किसी अपने जैसे मार्गदर्शक के साथ होने से उनका अकेलापन दूर होगा और वे यहां के परिवेश में बहुत कम समय में ढल जाएंगे। संस्थान की यह पहल आने वाले समय में नए विद्यार्थियों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने में अत्यंत मददगार साबित होगी और इससे संपूर्ण परिसर का माहौल भी अधिक दोस्ताना और सहयोगी बनेगा।