कंटाप
NEWS
बुधवार, 9 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अमेरिका का 5 ईरानी टैंकरों पर हमला: जवाब में ईरान ने जॉर्डन में US बेस पर 20 मिसाइलें दागीं; इससे पहले अमेर...      चलाओ बुलडोजर; दिल्ली में CM रेखा गुप्ता का बड़े ऐक्शन का आदेश, कई इलाकों में होगी तोड़फोड़      संजय राउत ने कहा, 'विदेश जाकर मुस्लिम लीडर से गले मिलते हैं, यहां गरबा में मुसलमानों को रोका जा रहा'      BRICS पर क्यों ट्रंप की नजर, ईरान ने कैसे बढ़ाई बेचैनी, अमेरिका क्यों परेशान, भारत के आगे क्या चुनौती?      नौकर से करती थी चैट, कानपुर की करोड़पति बहू की कहानी में ट्विस्ट      CJP प्रोटेस्ट: नोटिस पर CJI नाराज, पूछा- मजिस्ट्रेट कैसे जारी कर सकते हैं      'अपने CM को देखें पहले...', वंदे मातरम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सिद्धारमैया-रेवंत रेड्डी का वीडियो दिखा कांग्रेस को घेरा      ओडिशा के बालासोर जंगल में मिले ओरंगुटान के 5 बच्चे, इंडोनेशिया और मलेशिया से 4000 किमी दूर कैसे आए भारत?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

साक्षरता दिवस विशेष: आधुनिक तकनीक के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर दिया जा रहा है विशेष जोर

विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर बच्चों की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि पठन-पाठन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

A
Ankit Yadav
09 सित 2026, 12:44
साक्षरता दिवस विशेष: आधुनिक तकनीक के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर दिया जा रहा है विशेष जोर
विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर देश भर में शिक्षा के प्रसार और उसकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में इस बात पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया है कि कैसे आधुनिक तकनीक का उपयोग करके छोटे बच्चों को शिक्षा से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है। डिजिटल युग में साक्षरता के मायने बदल चुके हैं और अब केवल पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं रह गया है। जानकारों का मानना है कि यदि शुरुआती दौर से ही बच्चों को तकनीकी माध्यमों से शिक्षा प्रदान की जाए, तो उनकी सीखने की क्षमता में अभूतपूर्व सुधार देखा जा सकता है।

शिक्षा में डिजिटल क्रांति की जरूरत

पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ-साथ आज के समय में कंप्यूटर, टैबलेट और विभिन्न डिजिटल शिक्षण एप्लीकेशन का उपयोग अनिवार्य बनता जा रहा है। विशेष साक्षरता अभियानों के दौरान इस बात पर भी चर्चा की गई कि दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का सबसे तेज जरिया तकनीक ही है। जब बच्चों को एनिमेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव टूल्स के माध्यम से पढ़ाया जाता है, तो विषयों की समझ उनके लिए काफी आसान और रोचक हो जाती है। शिक्षकों और शिक्षाविदों का यह भी मानना है कि आधुनिक तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका विस्तार हर उस कोने तक होना चाहिए जहां शिक्षा की पहुंच को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीक के जरिए पढ़ाई को सरल बनाने के इस अभियान में शिक्षकों की भूमिका भी बेहद अहम हो गई है। शिक्षकों को भी डिजिटल टूल्स का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे छात्रों को नवीनतम तरीकों से पढ़ा सकें। इसके अलावा, स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में बुनियादी तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास तेज किए जा रहे हैं। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठन मिलकर ऐसे प्रारूप तैयार कर रहे हैं जिनसे डिजिटल डिवाइड को कम किया जा सके और हर वर्ग के बच्चे तक शिक्षा का यह नया स्वरूप आसानी से पहुंच सके। भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए साक्षरता के पारंपरिक ढांचे में बदलाव लाना अब समय की मांग बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आज बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से लैस किया जाएगा, तो आने वाले कल में वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे। विश्व साक्षरता दिवस पर लिया गया यह संकल्प आने वाले समय में देश की साक्षरता दर और शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिससे समाज का हर एक बच्चा शिक्षा के प्रकाश से रोशन हो सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज