कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
मनोरंजन

मानवता की मिसाल: अस्सीवें स्वतंत्रता दिवस पर परिणीता बोरठाकुर ने असम बाढ़ के दौरान दिखी अटूट एकजुटता को किया याद

देश के अस्सीवें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर अभिनेत्री परिणीता बोरठाकुर ने असम की विनाशकारी बाढ़ के कड़वे-मीठे अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में इंसानियत हमेशा राजनीति से ऊपर उठ जाती है।

X
Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 15:04
मानवता की मिसाल: अस्सीवें स्वतंत्रता दिवस पर परिणीता बोरठाकुर ने असम बाढ़ के दौरान दिखी अटूट एकजुटता को किया याद
राष्ट्रीय पर्वों का जश्न जब देशभक्ति के नारों के साथ मनाया जा रहा होता है, तब कई बार वे लोग विशेष रूप से याद आते हैं जिन्होंने आपदा के समय आम जनजीवन को बचाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में अपने विचार साझा करते हुए लोकप्रिय अभिनेत्री परिणीता बोरठाकुर ने असम में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रकृति के उस भयंकर प्रकोप ने पूरे राज्य को तहस-नहस कर दिया था, लेकिन उसी मुश्किल समय में लोगों ने जाति, धर्म और राजनीतिक भेदभाव को दरकिनार कर पूरी तरह से निस्वार्थ भाव से एक-दूसरे की मदद की थी। उनके अनुसार, आपदा ने यह साबित कर दिया कि जब इंसान पर विपत्ति आती है तो मानवता ही सबसे बड़ा और एकमात्र धर्म बचता है।

निस्वार्थ सेवा और सामाजिक एकता

अभिनेत्री ने अपने संस्मरणों में जिक्र किया कि कैसे बिना किसी पूर्व शर्त या राजनीतिक प्रेरणा के आम नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने बाढ़ पीड़ितों तक भोजन, दवाइयां और राहत सामग्रियां पहुंचाई थीं। उन्होंने कहा कि उस संकटपूर्ण कालखंड में लोगों की आंखों में जो उम्मीद और एक-दूसरे के प्रति करुणा देखने को मिली थी, वह किसी भी सरकारी सहायता से कहीं अधिक मूल्यवान थी। इस प्रकार के जमीनी अनुभव हमें यह सिखाते हैं कि हमारी असली ताकत हमारी सांस्कृतिक एकता और परस्पर भाईचारे में निहित है, जिसे कोई भी प्राकृतिक आपदा या राजनीतिक मतभेद कमजोर नहीं कर सकता।

स्वतंत्रता दिवस का वास्तविक अर्थ

स्वतंत्रता दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि का स्मरणोत्सव नहीं है, बल्कि यह इस बात का आत्मविश्लेषण करने का भी अवसर है कि हम एक समाज के रूप में कितने संवेदनशील और मजबूत हुए हैं। परिणीता का यह संदेश देश भर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है, जो यह याद दिलाता है कि देश की असली प्रगति नागरिकों की आपसी एकजुटता और संकट के समय एक-दूसरे के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने की क्षमता पर निर्भर करती है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज