अमृतसर से बठिंडा तक पांच जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों में मिलेंगी सेवाएं
अमृतसर के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र गुरु नानक देव अस्पताल में मरीजों को विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। जालंधर शहर में स्थित पिम्स संस्थान में भी विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। लुधियाना महानगर के प्रतिष्ठित डीएमसी संस्थान में भी ओपीडी सेवाएं सुचारू रूप से चलाई जाएंगी। पटियाला शहर में स्थित रजिंदरा अस्पताल के भीतर भी विभिन्न विभागों के चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। बठिंडा जिले में स्थित एम्स संस्थान में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों के स्वास्थ्य की जांच के लिए उपलब्ध रहेगी। इन सभी पांच बड़े चिकित्सा संस्थानों में आने वाले मरीजों को 15 अक्टूबर को विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता प्राप्त हो सकेगी। स्वास्थ्य प्रशासन ने इन संस्थानों में आने वाले सभी जरूरतमंद लोगों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं ताकि किसी भी व्यक्ति को इलाज के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और समय पर उचित चिकित्सीय परामर्श मिल सके।
विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर संभालेंगे मरीजों की जांच का जिम्मा
मेडिसिन विभाग के चिकित्सक विभिन्न आंतरिक रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच करेंगे और उन्हें उचित दवाइयां लिखेंगे। सर्जरी विभाग के डॉक्टर शल्य चिकित्सा से जुड़े मामलों को देखेंगे और आवश्यक परामर्श प्रदान करेंगे। हड्डी रोग विभाग में जोड़ों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए डॉक्टर अपनी सीटों पर बैठेंगे। मनोरोग विभाग के विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की काउंसलिंग और उपचार करेंगे। ईएनटी यानी कान, नाक और गला विभाग के डॉक्टर इन अंगों से जुड़ी बीमारियों का परीक्षण करेंगे। त्वचा रोग विभाग में चर्म रोगों से पीड़ित लोगों का इलाज किया जाएगा और उचित परामर्श दिया जाएगा। बाल रोग विभाग के डॉक्टर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और उनकी बीमारियों के इलाज के लिए मौजूद रहेंगे। दंत रोग विभाग में दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने वाले चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर आंखों की जांच करेंगे और दृष्टि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के उपचार के लिए परामर्श देंगे।
डॉक्टरों की व्यस्तता के कारण शेड्यूल में बदलाव की है संभावना
विभिन्न चिकित्सीय जिम्मेदारियों और आपातकालीन ड्यूटियों के कारण डॉक्टरों की व्यस्तता बनी रहती है। इस व्यस्तता और आकस्मिक कार्यों के चलते ओपीडी के निर्धारित समय या डॉक्टरों की सूची में कुछ बदलाव भी संभव हो सकते हैं। चिकित्सा संस्थानों के भीतर प्रशासनिक कारणों या आपातकालीन स्थितियों के उत्पन्न होने पर डॉक्टर अपने कक्ष में उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। मरीजों और उनके परिजनों को सलाह दी जाती है कि वे अस्पताल आने से पहले इस बात की पुष्टि अवश्य कर लें। संस्थानों द्वारा जारी किए गए इस शेड्यूल का मुख्य उद्देश्य लोगों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है। सभी संबंधित अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के परिसरों में इस संदर्भ में आवश्यक सूचनाएं और निर्देश चस्पा किए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की चिकित्सीय असुविधा से बचने के लिए मरीजों को अपडेटेड जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। राज्य के इन पांच प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में ओपीडी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए मरीजों को अपने साथ पुराने चिकित्सीय दस्तावेज भी लाने चाहिए।