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स्वास्थ्य

चिकित्सा विज्ञान का चमत्कार: लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में सफल कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपण

उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में कार्डियक सर्जनों ने एक गंभीर मरीज के शरीर में स्वदेशी रूप से विकसित वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:39
चिकित्सा विज्ञान का चमत्कार: लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में सफल कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपण
चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने एक और नया मील का पत्थर हासिल कर लिया है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की एक टीम ने चार घंटे चली एक अत्यंत जटिल शल्य चिकित्सा के दौरान एक पैंतालीस वर्षीय गंभीर रूप से हृदय रोगी के सीने में कृत्रिम हृदय प्रणाली का सफल प्रत्यारोपण किया है। मरीज पिछले कई महीनों से दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और पारंपरिक दवाइयां उस पर बेअसर साबित हो रही थीं। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज की हालत अब पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है और वह सामान्य रूप से सांस ले रहा है।

अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग

इस पूरी प्रक्रिया में इस्तेमाल किया गया वीएडी उपकरण देश के प्रमुख बायो-इंजीनियरिंग संस्थानों द्वारा विकसित किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता है। अस्पताल के मुख्य सर्जन ने मीडिया को बताया कि इस कृत्रिम उपकरण की खूबी यह है कि यह शरीर के भीतर रक्त के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखता है और खून के थक्के जमने की संभावना को लगभग नगण्य कर देता है। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने न्यूनतम आक्रामक तकनीक का सहारा लिया, जिससे मरीज के शरीर पर बड़े चीरे नहीं लगाने पड़े और रक्त की हानि भी बहुत कम हुई।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए नई उम्मीद

इस सफलता के साथ ही राज्य के सरकारी अस्पतालों में इस प्रकार के उच्च स्तरीय हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा का मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत इस गरीब मरीज का पूरा इलाज मुफ्त में किया गया है। चिकित्सा संस्थान के कुलपति ने घोषणा की है कि जल्द ही यहाँ एक समर्पित कृत्रिम हृदय और अंग प्रत्यारोपण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जहाँ दूर-दराज के इलाकों से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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