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कैंसर जागरूकता: मिजोरम की स्वास्थ्य मंत्री ने घरों को तंबाकू-मुक्त बनाने का किया आह्वान
मिजोरम में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने राज्य के नागरिकों से अपने घरों को पूरी तरह से तंबाकू-मुक्त बनाने की अपील की है।
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Ankit Yadav
14 सित 2026, 14:40
राजधानी आइजोल में आयोजित राज्य स्तरीय तंबाकू विरोधी दिवस के विशेष कार्यक्रम के दौरान मिजोरम की स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने राज्य के नागरिकों का ध्यान एक बेहद गंभीर और संवेदनशील जनस्वास्थ्य मुद्दे की ओर आकर्षित किया। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों और विभिन्न स्वास्थ्य सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि मिजोरम में तंबाकू उत्पादों का सेवन राष्ट्रीय औसत की तुलना में चिंताजनक रूप से काफी अधिक है। यही मुख्य कारण है कि राज्य में विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस विकराल होते स्वास्थ्य संकट से राज्य के नागरिकों को बचाने और कैंसर की व्यापकता को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मिजोरम सरकार ने 'तंबाकू-मुक्त घर' (Tobacco-Free Household) नाम से एक व्यापक और दूरगामी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि केवल कानूनों और प्रशासनिक आदेशों के बल पर इस समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए राज्य के हर एक घर को इस अभियान का केंद्र बनाना अनिवार्य है।
सामुदायिक सहभागिता और पारिवारिक स्तर पर परिवर्तन
स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर माताओं, महिलाओं और युवा पीढ़ी से यह भावुक अपील की कि वे अपने-अपने परिवारों और घरों के भीतर किसी भी प्रकार के धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के सेवन पर पूरी तरह रोक लगाएं। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जब तक पारिवारिक और व्यक्तिगत स्तर पर सोच और व्यवहार में मौलिक बदलाव नहीं आएगा, तब तक राज्य को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खतरनाक चंगुल से बाहर निकालना संभव नहीं होगा। परिवार की महिलाएं और माताएं इसमें केंद्रीय भूमिका निभा सकती हैं और अपने परिजनों को इस हानिकारक आदत को छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इसके साथ ही, युवा वर्ग को तंबाकू के जाल में फंसने से बचाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री को पूरी तरह रोकने के लिए पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रवर्तन टीमों को सख्त निरीक्षण और नियमित छापेमारी करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाने और उनका लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान भी किया गया है।
मुफ्त परामर्श, नशामुक्ति केंद्र और व्यापक जनजागरूकता
तंबाकू की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को निचले स्तर तक मजबूत किया है। मिजोरम के सभी जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त परामर्श, नशामुक्ति सहायता और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष नशामुक्ति क्लीनिक (Tobacco Cessation Clinics) स्थापित किए गए हैं। इन क्लीनिकों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मनोवैज्ञानिक मरीजों को तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया में आने वाली शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से निपटने का मार्गदर्शन दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में तंबाकू के जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने के लिए स्थानीय मिजो भाषा में सूचना और प्रचार सामग्री वितरित की जा रही है। स्थानीय लोक कलाकारों और युवा मंडलियों के सहयोग से गांवों तथा कस्बों में नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि आने वाली भावी पीढ़ी को इस गंभीर लत से दूर रखा जा सके और मिजोरम को एक स्वस्थ तथा तंबाकू-मुक्त राज्य बनाया जा सके।