कंटाप
NEWS
मंगलवार, 8 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मणिपुरी म्यूज़िशियन की दिल्ली में पीट-पीटकर हत्या के आरोप में आठ गिरफ़्तार      दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग का मालिक हिरासत में लिया गया, पुलिस ने भिवाड़ी से दबोचा      मंत्री हरपाल सिंह चीमा से ड्रग्स की शिकायत, बाद में शख्स ने खाया जहर, विपक्ष ने AAP को घेरा      सचिन तेंदुलकर ने लोनावला में खरीदी आलीशान प्रॉपर्टी, तीन डील में खर्च हुए करीब 70 करोड़      Good News : CM योगी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए खोला खजाना, मानदेय में 50 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान      पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए गजब क्रेज, घंटे भर में सीटें फुल; पहली बार बुकमाईशो पर रजिस्ट्रेशन      ‘चौकीदार चोर है’, टिप्पणी केस में राहुल गांधी को बॉम्बे HC से झटका, याचिका खारिज      सैटेलाइट तस्वीरों में देश से 90% बादल गायब: बिहार में बाढ़ से 27 लाख लोग प्रभावित; महाराष्ट्र के अंबोली में...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
स्वास्थ्य

कुपोषण मुक्त भारत: देश को स्वस्थ बनाने के लिए बनाई गई विशाल मानव श्रृंखला

देश से कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए एक बड़ा जन अभियान चलाया गया, जिसके तहत लोगों ने एकजुट होकर एक लंबी मानव श्रृंखला का निर्माण किया।

A
Ankit Yadav
08 सित 2026, 15:57
कुपोषण मुक्त भारत: देश को स्वस्थ बनाने के लिए बनाई गई विशाल मानव श्रृंखला
भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अनूठे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसमें समाज के तमाम वर्गों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच पोषण के महत्व को समझाना और बच्चों तथा महिलाओं में कुपोषण की गंभीर समस्या के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं और सरकारी कर्मचारियों ने हाथों में हाथ डालकर एक मजबूत संदेश दिया।

पोषण अभियान और जनभागीदारी का महत्व

देश के विकास में स्वस्थ नागरिकों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। कुपोषण न केवल शारीरिक विकास को बाधित करता है, बल्कि मानसिक क्षमता पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं में पोषण की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सरकार और सामाजिक संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि पोषण योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मानव श्रृंखला के जरिए यह स्पष्ट किया गया कि जब तक पूरा समाज मिलकर इस समस्या के खिलाफ खड़ा नहीं होगा, तब तक इसे पूरी तरह से समाप्त करना संभव नहीं है। विभिन्न स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजकों ने इस जन-समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल आने वाले समय में एक जन आंदोलन का रूप लेगी। इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं की पहुँच की समीक्षा करने का अवसर भी मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोषण संबंधी अभियानों में निरंतरता बनाए रखने से बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है और देश के भविष्य को अधिक मजबूत व स्वस्थ बनाया जा सकता है। इस सफल आयोजन के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में पोषण पखवाड़े या अन्य जागरूकता कार्यक्रमों का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा। स्थानीय स्तर पर पोषण समितियों को सक्रिय करने और आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार और समाज के इस संयुक्त प्रयास से भारत को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द से जल्द हासिल किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की पूरी संभावना है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज