आजमगढ़ से अधिकारियों का हुआ तबादला
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए कुल 20 आईपीएस अधिकारियों की स्थानांतरण सूची जारी की है। इस फेरबदल के अंतर्गत आजमगढ़ के एसपी ग्रामीण चिराग जैन का तबादला बरेली कर दिया गया है। चिराग जैन फरवरी 2024 से आजमगढ़ में अपनी सेवाएं दे रहे थे और वहां वे ग्रामीण क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस प्रशासनिक बदलाव के साथ ही प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कप्तानों की भी नई जिम्मेदारी तय की गई है। इस पूरी कवायद को प्रशासनिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानांतरण के बाद अब सभी अधिकारियों को अपनी नई तैनाती वाले स्थानों पर जल्द ही कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। आजमगढ़ जिले के पुलिस ढांचे में हुए इस बड़े बदलाव पर आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं। सभी स्थानांतरित अधिकारियों की सूची शासन द्वारा विधिवत जारी की गई है।
अधिकारियों की तैनाती में बड़ा फेरबदल
शासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार मऊ और बलिया के पुलिस कप्तानों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। मऊ के पुलिस कप्तान कमलेश बहादुर को अब पुलिस अधीक्षक लोक शिकायत मुख्यालय, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। उनके स्थान पर सर्वेश कुमार मिश्रा को मऊ का नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है, जो पहले प्रयागराज में पीएससी में तैनात थे। इसके अलावा बलिया के एसपी ओमवीर सिंह का स्थानांतरण करते हुए उन्हें बस्ती का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। गाजीपुर के एसपी रहे ईरज राजा को अब बलिया की कमान सौंपी गई है। प्रशासनिक फेरबदल के इन आदेशों के बाद पुलिस महकमे में हलचल देखी जा रही है। इन सभी अधिकारियों को उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर नई पोस्टिंग दी गई है ताकि राज्य में पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
चिराग जैन की उपलब्धियां और भूमिका
आजमगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान चिराग जैन ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए जिनकी सराहना की गई है। उन्होंने जिले में पासपोर्ट सेल की निगरानी का जिम्मा संभाला और फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोहों व आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की। इसके अलावा, चिराग जैन के नेतृत्व में आजमगढ़ में एक बड़ा मोबाइल रिकवरी अभियान चलाया गया। इस अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने 6 हजार से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की कुल कीमत 14 करोड़ 37 लाख रुपए से भी अधिक आंकी गई है। अपने कुशल नेतृत्व और जनहित के इन कार्यों के लिए उन्हें शासन स्तर पर पुरस्कृत भी किया जा चुका है। उनके द्वारा किए गए इन कार्यों का सकारात्मक प्रभाव जिले की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर पड़ा है, जिससे वे स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने रहे।