बागपत से एसटीएफ के हत्थे चढ़ा पचास हजार का इनामी उत्तराखंड राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और गंभीर अपराधों में संलिप्त फरार अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए पुलिस महकमा लगातार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में हरिद्वार जिले के अंतर्गत आने वाले श्रद्धा भक्ति आश्रम हत्याकांड की जांच कर रही विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ की टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बागपत इलाके से उस शातिर अपराधी को दबोचने में सफलता हासिल की है जिस पर अधिकारियों द्वारा पचास हजार रुपये का भारी इनाम घोषित किया गया था। इस मामले में पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी और विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया गया और एसटीएफ की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। इस गिरफ्तारी के बाद से हत्याकांड से जुड़े कई अहम रहस्यों के उजागर होने की उम्मीद जताई जा रही है जिससे पुलिस महकमे में भी राहत की सांस ली गई है।
श्रद्धा भक्ति आश्रम में हुई थी सनसनीखेज वारदात धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले हरिद्वार शहर के भीतर स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम में घटी इस खौफनाक घटना ने स्थानीय समाज को अंदर तक झकझोर कर रख दिया था। आश्रम परिसर के भीतर इस तरह के गंभीर अपराध के घटित होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और विभिन्न धार्मिक तथा सामाजिक संगठनों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इस प्रकार के आपराधिक मामलों में संलिप्त अपराधियों की धरपकड़ के लिए आम तौर पर राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां गहन और बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाती हैं जिसमें स्थानीय खुफिया जानकारी के साथ साथ वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी खुलकर उपयोग किया जाता है। ऐसे आश्रमों और धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां रहने वाले लोगों की पृष्ठभूमि की जांच का मुद्दा भी इस तरह की घटनाओं के बाद हमेशा जनता के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने दिन रात एक करके सबूत जुटाए और गवाहों के बयानों के आधार पर अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की। इस हत्याकांड के बाद से ही मुख्य आरोपी लगातार अपनी पहचान बदलकर और पुलिस की नजरों से बचकर विभिन्न राज्यों में छुपता फिर रहा था लेकिन कानून के लंबे हाथों से वह अधिक समय तक बच नहीं सका और अंततः उसे कानून की गिरफ्त में आना ही पड़ा।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई एसटीएफ द्वारा बागपत से गिरफ्तार किए गए इस पचास हजार के इनामी आरोपी को अब पूरी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी। पुलिस रिमांड के दौरान इस शातिर अपराधी से गहन पूछताछ की जाएगी ताकि इस हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि इस अपराध में उसके अलावा और कौन कौन लोग शामिल थे। इस तरह के गंभीर मामलों में अदालती प्रक्रिया के तहत त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन पक्ष मजबूत चार्जशीट तैयार करने पर जोर देता है ताकि दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा मिल सके। इस गिरफ्तारी से स्थानीय नागरिकों और पीड़ित पक्ष में भी न्याय की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं तथा वे चाहते हैं कि इस मामले से जुड़े सभी दोषियों को कानून के तहत कठोरतम दंड दिया जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी कानून को अपने हाथ में लेगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई बिना किसी ढिलाई के अमल में लाई जाएगी। इस पूरी सफलता के बाद उत्तराखंड एसटीएफ की कार्यशैली की भी सराहना की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस हत्याकांड की कड़ियां पूरी तरह जुड़ जाएंगी।