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हाई कोर्ट सख्त निर्देश: किन्नौर में भारत-चीन सड़क निर्माण रोकने पर डीसी और एसपी को कड़े आदेश

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने भारत-चीन सीमा पर हो रहे सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालने के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने किन्नौर के जिला उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को इस गंभीर मामले में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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Ankit Yadav
15 सित 2026, 17:01
हाई कोर्ट सख्त निर्देश: किन्नौर में भारत-चीन सड़क निर्माण रोकने पर डीसी और एसपी को कड़े आदेश
हिमाचल प्रदेश की न्यायपालिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण भारत-चीन सीमा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों में आ रही रुकावटों को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत विकास देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, और ऐसे में किसी भी प्रकार की बाधा को उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने त्वरित हस्तक्षेप करते हुए स्थानीय प्रशासन को इस पर कड़ा एक्शन लेने के लिए निर्देशित किया है।

किन्नौर प्रशासन को कड़ी हिदायत

अदालत के हालिया आदेशों के अनुसार, किन्नौर जिले के प्रशासनिक मुखिया यानी डीसी और पुलिस प्रमुख यानी एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सीमा सड़क के निर्माण में रुकावट पैदा करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटें। सामरिक दृष्टि से संवेदनशील इन क्षेत्रों में परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है ताकि भारतीय सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उच्च न्यायालय की इस सख्ती के बाद स्थानीय प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है और तुरंत प्रभाव से सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाने की बात सामने आ रही है। रणनीतिक मोर्चे पर बुनियादी ढांचे का विकास किसी भी राष्ट्र के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होता है। भारत-चीन सीमा के पास सड़कों का निर्माण होने से न केवल सामरिक सुगमता बढ़ती है, बल्कि दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रहने वाले आम जनजीवन को भी सुगम कनेक्टिविटी का लाभ मिलता है। हालिया घटनाक्रम में जिस प्रकार से इस निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी, उससे विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में इस तरह की अड़चनों को तुरंत दूर किया जाए।

प्रशासनिक और कानूनी कदम

न्यायालय के इन कड़े निर्देशों के बाद अब किन्नौर के डीसी और एसपी को संयुक्त रूप से एक रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम रहें। किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून हाथ में लेने या राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में अड़ंगा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार और प्रशासन की ओर से अब पूरी मुस्तैदी दिखाई जा रही है ताकि सीमा सड़क परियोजना बिना किसी व्यवधान के अपने निर्धारित समय पर पूरी हो सके, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिल सकेगी।
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