सदरपुर थाना क्षेत्र की घटना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के अभियान के तहत सीतापुर जिले की पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके से 12 साल की एक नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर या जबरन काफी दूर ले जाया गया था। इस मासूम बच्ची के साथ भयानक तरीके से दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया था जिसके बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के बाद अपराधी ने पीड़िता को बिल्कुल मरणासन्न हालत में छोड़ दिया था। उसने रामपुर मथुरा क्षेत्र में पड़ने वाले एक पुल के पास बच्ची को अचेत अवस्था में फेंका और वहां से फरार हो गया। जब यह गंभीर मामला प्रकाश में आया तो प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत टीमों का गठन किया। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशानुसार एसओजी की विशेष टीम ने इस पूरे मामले की गहनता से तहकीकात शुरू की। घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया ताकि संदिग्ध का कोई सुराग हाथ लग सके। पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने सर्विलांस और अन्य तमाम आधुनिक साधनों का उपयोग करके अपराधी की हरकतों और उसके भागने के संभावित रास्तों की सटीक जानकारी जुटाई।
सर्विलांस की मदद से घेराबंदी और पुलिस मुठभेड़ में जख्मी आरोपी
तकनीकी जांच और पुख्ता खुफिया तंत्र से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को यह पता चला कि संदिग्ध व्यक्ति वारदात को अंजाम देने के बाद बाराबंकी जिले की तरफ भाग निकला है। इसके बाद पुलिस दलों ने उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछाया और संभावित ठिकानों की घेराबंदी शुरू कर दी। आखिरकार बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला इलाके के बगिया मझारी गांव के रहने वाले हरिनाम के बेटे मुलायम सिंह को पुलिस ने दबोच लिया। अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपी को सीतापुर की सीमा के भीतर घेर लिया गया था। गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई जिसमें जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली जा लगी। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया जिसके तुरंत बाद उसे उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास से अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए हैं जो उसके पास मौजूद थे। इस पूरी कार्रवाई को घटना सामने आने के बाद लगभग 72 घंटों की अवधि के भीतर सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। पुलिस महकमे की इस तेजी से की गई कार्रवाई के कारण आरोपी कानून के शिकंजे में आ गया और उसे तुरंत चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
आपराधिक इतिहास की तलाश और आगे की कानूनी कार्यवाही
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस महकमा आरोपी मुलायम सिंह के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी कुंडली खंगालने में जुट गया है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस व्यक्ति का पहले से भी कोई आपराधिक इतिहास रहा है या वह अन्य किसी मामले में भी संलिप्त था। इस सिलसिले में सीतापुर पुलिस ने बाराबंकी के अलावा बहराइच, लखनऊ और हरदोई जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क साधा है। विभिन्न जिलों के थानों से आरोपी के बारे में पूरा विवरण जुटाया जा रहा है ताकि उसके काले कारनामों का पूरा चिट्ठा सामने आ सके। इस गंभीर मामले में पुलिस की ओर से आगे की तमाम वैधानिक और कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों को मजबूत बनाकर अदालत में पेश किया जाएगा ताकि दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है और स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया है और हर कोई कानून के तहत त्वरित न्याय की मांग कर रहा है।