जीरा पाउडर में मिले हानिकारक केमिकल अवशेष
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के अधिकारियों ने जांच के लिए गोवा के रिवरसाइड रिसॉर्ट्स एंड हॉलिडे होम्स से मसाले का एक नियमित नमूना एकत्र किया था। जब इस नमूने की जांच एक खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में की गई तो इसके परिणाम काफी चौंकाने वाले आए। परीक्षण के दौरान इस मसाले के भीतर दो अत्यंत खतरनाक कीटनाशक अवशेषों की मौजूदगी पाई गई। इनमें पहला केमिकल एजोक्सीस्ट्रोबिन और दूसरा केमिकल थियामेथॉक्सम था। ये दोनों ही रसायन तय की गई कानूनी सीमा से काफी अधिक मात्रा में मौजूद थे। इस गंभीर खामी के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत इस विशेष बैच को मानव उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया गया। नियमों के अनुसार उत्पाद निर्माता कंपनी को इस प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के खिलाफ अपील दर्ज कराने का विधिवत अवसर प्रदान किया गया था। कंपनी के आग्रह के बाद इस नमूने को दोबारा जांच और पुष्टि के लिए आधिकारिक रेफरल फूड लेबोरेटरी में भेजा गया। हालांकि इस दूसरी उच्च स्तरीय जांच में भी इस बात की पूरी तरह पुष्टि हो गई कि मसाले का यह नमूना सुरक्षित नहीं है और इसमें कीटनाशकों का स्तर स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक स्थिति तक पहुंच चुका है।
पूरे प्रभावित बैच को बाजार से हटाने का आदेश
रेफरल प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद केंद्रीय नियामक संस्था ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे प्रभावित बैच को तुरंत बाजार से वापस मंगाने का फैसला सुनाया। नियामक की तरफ से कंपनी को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बाजार से वापस लिए जा रहे सभी पैकेटों का एक-एक हिसाब-किताब पूरी पारदर्शिता के साथ रखा जाए। इसके साथ ही खाद्य नियामक ने यह चेतावनी भी दी है कि ऐसी गंभीर गड़बड़ियां भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने और की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट नियामक प्राधिकरण को सौंपने को कहा गया है। मसाले के इस मामले के अलावा खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी अपनी सख्त नजर रखनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में एक अन्य कार्रवाई के दौरान क्रिएटिव बेकर्स एंड कंफेक्शनर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक बेकरी कंपनी के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया गया है। अधिकारियों को इस बेकरी कंपनी के मुख्य विनिर्माण संयंत्र के भीतर साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों से जुड़ी बेहद गंभीर और चिंताजनक कमियां मिली थीं। इन तमाम प्रशासनिक कमियों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को पूरी तरह आधार बनाते हुए नियामक ने इस बेकरी कंपनी का व्यावसायिक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से पूरी तरह निलंबित कर दिया है।
नियामक की लगातार निगरानी और आम जनता के लिए सलाह
खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण पिछले कुछ महीनों से देश भर में अपनी निगरानी का दायरा लगातार व्यापक कर रहा है। इसके तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, विभिन्न ग्रोसरी स्टोर्स और तमाम बड़ी खाद्य निर्माण कंपनियों के कामकाज पर पैनी नजर रखी जा रही है। अगर आपके घर की रसोई में भी एवरेस्ट कंपनी के इस जीरा पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है तो आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने घर में रखे पैकेट के बैच नंबर और उसकी गुणवत्ता की अच्छी तरह जांच कर लें। अपनी व्यक्तिगत सेहत और परिवार की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बाजार से कोई भी पैक्ड सामान खरीदते समय हमेशा प्रामाणिक स्टोर्स का ही चयन करें। इसके अलावा खरीदारी करते समय उत्पाद पर खाद्य नियामक का आधिकारिक मार्क अवश्य देखें ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम से पूरी तरह बचा जा सके। अधिकारियों का यह निरंतर प्रयास है कि आम नागरिकों तक केवल मानक गुणवत्ता वाला और पूरी तरह सुरक्षित खाद्य पदार्थ ही पहुंचे। इस प्रकार की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से खाद्य कारोबार से जुड़े अन्य संस्थानों में भी नियमों का पालन करने को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।