इंस्टाग्राम पर पनपा नया प्रेम प्रसंग और घर छोड़ने की दास्तान कानपुर नगर क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली एक महिला इन दिनों सोशल मीडिया पर उपजे अनूठे जुड़ाव के कारण चर्चा के केंद्र में आ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन बच्चों की यह माता इंटरनेट प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से किसी के संपर्क में आई थी और यह संपर्क धीरे-धीरे गहरे भावनात्मक लगाव में बदल गया। परिवार और वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों को दरकिनार करते हुए महिला ने अपने पति तथा मासूम बच्चों को पीछे छोड़ दिया और अचानक घर से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली की ओर प्रस्थान कर गई। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे वर्चुअल दुनिया के रिश्ते असल जिंदगी के रिश्तों पर भारी पड़ने लगे हैं। महिला ने इस बात का स्पष्ट खुलासा किया है कि वह दिल्ली में अपनी सहेली के साथ निवास करेगी और आगे का जीवन उसी के साथ व्यतीत करने की उसकी पूरी योजना है। इस अप्रत्याशित कदम से न केवल उसका परिवार बल्कि आसपास के लोग भी गहरे सदमे में हैं और किसी को समझ नहीं आ रहा है कि इस पारिवारिक संकट से कैसे निपटा जाए।
सोशल मीडिया का बढ़ता दायरा और पारिवारिक जीवन पर इसके गहरे प्रभाव आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों की दैनिक जीवनशैली का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके कई बार गंभीर सामाजिक और पारिवारिक परिणाम भी देखने को मिलते हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य ऐप्स पर अनजाने लोगों से संपर्क होना और फिर उसे वास्तविक जीवन के फैसलों में बदल लेना आजकल कोई नई बात नहीं रह गई है, हालांकि इसके परिणाम अक्सर बेहद दर्दनाक और विध्वंसकारी होते हैं। कानपुर नगर की इस घटना से यह बात फिर से साबित होती है कि किस प्रकार वर्चुअल स्पेस पर मिलने वाला कथित अपनापन कई बार इंसानों को अपनी वर्षों पुरानी गृहस्थी और पारिवारिक दायित्वों को पल भर में त्यागने के लिए प्रेरित कर देता है। जब माता-पिता इस तरह के कदम उठाते हैं, तो उसका सबसे बुरा असर उनके मासूम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ता है जो बिना किसी गलती के पारिवारिक विघटन का शिकार हो जाते हैं। समाजशास्त्रियों और मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि वर्चुअल दुनिया का आकर्षण अक्सर लोगों को असल दुनिया की जिम्मेदारियों से भटका देता है, जिससे इस प्रकार के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है और पारिवारिक ताना-बाना कमजोर पड़ता जा रहा है।
परिवार की व्यथा और इस अजीबोगरीब मामले में आगे की स्थिति पति और बच्चों को छोड़कर अचानक दिल्ली चली जाने वाली इस महिला के फैसले के बाद से उसका पूरा परिवार गहरे संकट और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। पीछे छूटे हुए परिजनों के लिए इस स्थिति को स्वीकार करना बेहद कठिन हो गया है, क्योंकि तीन बच्चों की परवरिश और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से अकेले पति के कंधों पर आ गई है। इस तरह के मामलों में अमूमन कानूनी और सामाजिक स्तर पर लंबी खींचतान देखने को मिलती है जहाँ पारिवारिक परामर्श केंद्रों या पुलिस की सहायता ली जाती है ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। स्थानीय लोग और रिश्तेदार इस बात की लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह आपसी बातचीत के जरिए इस मामले का कोई समाधान निकाला जाए और महिला को समझाइश देकर वापस लाया जाए ताकि बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बच सके। हालांकि महिला के अपने रुख और दिल्ली में सहेली के साथ रहने के जिद के कारण फिलहाल स्थिति काफी पेचीदा बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस अनोखे पारिवारिक विवाद के और अधिक तूल पकड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।