भागलपुर और उत्तर बिहार के जिलों के बीच संपर्क को सुगम बनाने के लिए गंगा नदी पर निर्माणाधीन नए चार-लेन पुल के पिलर खड़े करने का काम आज से और अधिक तीव्र गति से शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और राज्य पुल निर्माण निगम की देखरेख में चल रहे इस मेगा प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे वरिष्ठ इंजीनियरों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर प्रगति का जायजा लिया। पुराना विक्रमशिला सेतु भारी वाहनों के दबाव और अत्यधिक ट्रैफिक जाम के कारण अक्सर जूझता रहता था, जिसके विकल्प के रूप में इस नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने के लिए निर्माण कंपनी ने अपने संसाधनों को और बढ़ा दिया है।
गंगा नदी में पिलर निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी
निरीक्षण के दौरान मुख्य परियोजना प्रबंधक ने बताया कि नदी के बीच में भारी भरकम पिलर स्थापित करने के लिए विशेष तकनीकी बार्ज और आधुनिक क्रेन मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। बारिश के मौसम के बावजूद निर्माण कार्य को रुकने नहीं दिया गया है और सुरक्षा के सभी कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस नए पुल के बन जाने से भागलपुर शहर के भीतर भारी ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। यह पुल न केवल भागलपुर बल्कि पूर्णिया, कटिहार और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए सफर को बेहद आसान और तेज बना देगा।
क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडलों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तेजी से आगे बढ़ने पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और कृषि तथा औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। जिला प्रशासन भी लगातार निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि भूमि अधिग्रहण या अन्य किसी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन को तुरंत दूर किया जा सके। भागलपुर के नागरिकों में इस बात को लेकर खासा उत्साह है कि जल्द ही उन्हें एक आधुनिक और चौड़े पुल की सौगात मिलने वाली है जो उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाएगा।