झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध धनबाद में युवाओं के भविष्य को संवारने और उन्हें रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए आज जिला प्रशासन और उद्योग विभाग की ओर से एक मेगा कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की गई। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के उन युवाओं को लक्षित करना है जो पारंपरिक शिक्षा के बाद रोजगार की तलाश में हैं और जिन्हें आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना खुद का स्वरोजगार शुरू करना है। उद्घाटन सत्र के दौरान जिला उपायुक्त ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक और तकनीकी कौशल होना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
विभिन्न क्षेत्रों में दिए जा रहे हैं विशेष प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत युवाओं को मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मेंटनेंस, कंप्यूटर हार्डवेयर, सौर ऊर्जा उपकरणों की फिटिंग, और सिलाई-कढ़ाई जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। सभी पाठ्यक्रम विशेषज्ञों और अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में चलाए जा रहे हैं, जिसमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी सफल युवाओं को सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत रियाइती दरों पर बैंक ऋण और मुद्रा लोन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी पूरी सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपना खुद का कारोबार शुरू कर सकें।
युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
धनबाद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों युवाओं ने इस शिविर में भारी संख्या में पंजीकरण कराया है और प्रशिक्षण प्राप्त करने के प्रति अपनी उत्सुकता दिखाई है। भाग लेने वाले युवाओं का कहना है कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें न केवल बाजार की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि वे दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बन सकेंगे। जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि आने वाले महीनों में इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जिले के अन्य प्रखंडों और कोयला खदान क्षेत्रों के पास भी किया जाएगा ताकि दूर-दराज के गांवों के युवा भी इसका पूरा लाभ उठा सकें।