मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए आज शहर के विभिन्न जोनों में नए हरित क्षेत्रों के विकास का कार्य शुरू कर दिया है। विजय नगर और पाल्दा औद्योगिक क्षेत्र के पास खाली पड़ी जमीनों पर सूक्ष्म वनों (अर्बन फॉरेस्ट) का निर्माण किया जाएगा। महापौर और निगम आयुक्त ने आज सुबह इस अभियान की शुरुआत करते हुए स्थानीय नागरिकों और आरडब्ल्यूए (रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) के प्रतिनिधियों से संवाद किया। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य शहर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना और नागरिकों को स्वच्छ हवा प्रदान करना है।
स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से होगा रखरखाव
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन नए विकसित किए जा रहे पार्कों और पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवी संगठनों को सौंपी जा रही है। नगर निगम द्वारा हर पौधे के चारों ओर ट्री गार्ड और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया जा रहा है ताकि पानी की बर्बादी न हो और पौधे तेजी से विकसित हो सकें। आज सुबह हुए उद्घाटन समारोह में सैकड़ों स्कूली बच्चों और पर्यावरण प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पौधे रोपे। निगम अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष शहर में कुल पाँच लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें औषधीय पौधे और छांव देने वाले देशी पेड़ शामिल हैं।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पार्कों का आधुनिकीकरण
हरित क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ इंदौर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पुराने पार्कों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक झूले, बुजुर्गों के टहलने के लिए वॉकवे और योग प्रेमियों के लिए विशेष शेड बनाए जा रहे हैं। स्थानीय पार्षदों का कहना है कि इन विकास कार्यों से न केवल कॉलोनियों की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और अपने आसपास के हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।