उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हजरतगंज, गोमती नगर, अलीगंज और चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास की सड़कों पर पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर गाड़ियां पानी में बंद हो गईं, जिसके चलते मुख्य मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम के तमाम दावों के बावजूद प्री-मानसून और मानसून के शुरुआती दौर में ही जल निकासी के प्रबंध धड़ाम हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भारी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू बनाने के लिए डायवर्जन करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कामकाजी लोगों को इस जलभराव और जाम की दोहरी मार झेलनी पड़ी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।
प्रशासन और नगर निगम के आपातकालीन उपाय
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए लखनऊ जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। मंडलायुक्त और नगर आयुक्त ने स्वयं विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा किया है और पंप सेट लगाकर पानी निकलवाने के त्वरित निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम को लगातार नागरिकों की तरफ से शिकायतें मिल रही हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है। जिन इलाकों में भूमिगत जल निकासी प्रणाली कमजोर है, वहां अस्थायी रूप से अतिरिक्त मोटर पंप तैनात किए गए हैं ताकि बारिश का पानी जल्द से जल्द हटाया जा सके। इसके अलावा, बिजली विभाग को भी एहतियात के तौर पर कुछ जलमग्न क्षेत्रों में कुछ समय के लिए आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने आने वाले चौबीस घंटों के दौरान लखनऊ और आसपास के जिलों में आंधी-तूफान के साथ और अधिक बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गए रूट डायवर्जन के दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।