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मछली पालन क्रांति: गोरखपुर के पिपराइच में उन्नत बायोफ्लॉक तकनीक से बढ़ी आय

गोरखपुर जिले के पिपराइच क्षेत्र में मत्स्य पालकों के लिए शुरू की गई आधुनिक बायोफ्लॉक तकनीक से स्थानीय किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे युवाओं का रुझान इस व्यवसाय की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:07
मछली पालन क्रांति: गोरखपुर के पिपराइच में उन्नत बायोफ्लॉक तकनीक से बढ़ी आय
गोरखपुर जिले के पिपराइच ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पिपरौली में आज स्थानीय मत्स्य पालकों के लिए आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में उन्नत बायोफ्लॉक तकनीक के सफल परिणामों पर व्यापक चर्चा की गई। इस तकनीक की सहायता से कम जगह और सीमित पानी में भी मछली पालन का कार्य सुगमता से किया जा सकता है, जो पारंपरिक तालाब आधारित मछली पालन की तुलना में कहीं अधिक किफायती और लाभदायक साबित हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान जिला मत्स्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस आधुनिक प्रणाली में पानी की गुणवत्ता को विशेष उपकरणों के माध्यम से नियंत्रित रखा जाता है, जिससे मछलियों की वृद्धि दर काफी तीव्र होती है और बीमारियों का खतरा भी न्यूनतम हो जाता है।

कम लागत में अधिक मुनाफा

शिविर में उपस्थित किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बायोफ्लॉक तकनीक पारंपरिक खेती के साथ-साथ एक बेहतरीन अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकती है। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली में टैंकों का निर्माण कर उसमें अमोनिया स्तर को संतुलित रखा जाता है, जिससे मछलियों को उच्च प्रोटीन युक्त प्राकृतिक भोजन मिलता है और कृत्रिम फीड पर होने वाला खर्च लगभग आधे से भी कम हो जाता है। पिपराइच क्षेत्र के दर्जनों प्रगतिशील किसानों ने इस तकनीक को अपने खेतों और परिसरों में अपनाना शुरू कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें पहले की तुलना में दोगुना मुनाफा मिल रहा है।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

इस पहल के माध्यम से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष अनुदान और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से बैंक ऋण प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक युवा इस आधुनिक व्यवसाय से जुड़ सकें। प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में सफल मत्स्य पालकों को सम्मानित किया गया और उन्हें उन्नत किस्म के मछली बीज वितरित किए गए। स्थानीय प्रशासन का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्र में मछली उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित होने की पूरी संभावना है।
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