'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई
सिवान में पटाखा कारोबारी के घर में ब्लास्ट; 7 की मौत की सूचना, 2 घंटे तक होते रहे धमाके
Cyclone Alert: आ रहा चक्रवाती तूफान! इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश; चेतावनी जारी
दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की नेहा बोरा की याचिका, 'पीस बॉन्ड' भरने के खिलाफ की थी अपील
AIMIM जॉइन करेंगे आजम खान? ओमप्रकाश राजभर के बयान से बढ़ी सियासी हलचल, बोले- 'सीएम पद चाहते हैं खान चचा'
यूरोप का दूसरा बड़ा हथियार सप्लायर बना भारत: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ₹8000 करोड़ के गोला-बारूद सप्लाई क...
Live: यूपी में मतदान सुस्त, पटना मे अनंत सिंह के समर्थकों ने की आतिशबाजी
अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी: दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थ...
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
मौसम का यू-टर्न: राजस्थान में अगले सात दिनों तक कमजोर रहेगी मानसूनी गतिविधियां
राजस्थान के मौसम को लेकर एक ताजा अपडेट सामने आया है, जिसके अनुसार राज्य भर में मानसूनी गतिविधियां आगामी एक सप्ताह तक काफी हद तक सुस्त और कमजोर रहने वाली हैं।
A
Ankit Yadav
07 सित 2026, 17:09
राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदलने लगा है और मेघों की सक्रियता में भारी कमी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग से प्राप्त ताजा जानकारियों के मुताबिक, आगामी एक सप्ताह तक पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर अवस्था में बनी रहेंगी। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश का दौर थम सकता है और केवल हल्की छिटपुट बौछारें ही देखने को मिल सकती हैं। मानसून की इस बेरुखी से आम जनता के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं।
किसानों की बढ़ी चिंताएं
राजस्थान के विभिन्न जिलों में किसान लंबे समय से अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे ताकि उनकी फसलों को पर्याप्त जीवनदान मिल सके। लेकिन अचानक मानसून के कमजोर पड़ने से खेतों में नमी कम होने का खतरा पैदा हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बेहतर नहीं होती है, तो फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अतिरिक्त प्रबंध करने पड़ सकते हैं। खासकर वे इलाके जहां धान और अन्य पानी की अधिक खपत वाली फसलें उगाई जाती हैं, वहां स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि वर्तमान में मानसून की ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है या फिर उसका असर कम हो गया है, जिसके चलते राज्य में नमी भरी हवाओं का प्रभाव घट गया है। इस वजह से बादलों का घनत्व कम हो गया है और तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग लगातार इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और पल-पल के बदलावों की समीक्षा कर रहा है ताकि सही समय पर सटीक पूर्वानुमान जारी किया जा सके।
आने वाले सात दिनों तक लगातार कमजोर मानसूनी दौर के बने रहने की संभावना के बीच लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना भी करना पड़ सकता है। बारिश थमने के बाद धूप खिलने से तापमान में मामूली उछाल आ सकता है, जिससे गर्मी और बेचैनी दोनों बढ़ सकती हैं। इसके बावजूद, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सितंबर का महीना अभी पूरा बाकी है और इस अवधि के अंत तक मानसूनी तंत्र में दोबारा सुधार होने की उम्मीद से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है।
प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारियों और चेतावनियों पर ही भरोसा करें। फिलहाल राज्य के अधिकांश संभागों में मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं और तेज धूप के साथ बादलों की आवाजाही ही मुख्य रूप से देखने को मिलेगी। जैसे ही मानसूनी गतिविधियों में कोई नया बदलाव या पुनरुत्थान दर्ज होगा, मौसम केंद्र की ओर से तत्काल नया बुलेटिन जारी कर आमजन को सूचित कर दिया जाएगा।