देहरादून में वॉकथॉन का भव्य आयोजन
शुक्रवार के दिन राजधानी देहरादून की धरती पर एक बड़े सामाजिक और जन जागरूकता अभियान का सूत्रपात किया गया। राज्य के प्रशासनिक मुखिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने करकमलों से नशा मुक्ति को समर्पित इस वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष आयोजन का मुख्य मकसद लोगों के बीच स्वास्थ्य और चेतना का संदेश प्रसारित करना था। इस प्रकार की मैराथन और वॉकथॉन समाज के भीतर नई जागरूकता पैदा करने का काम करती हैं ताकि नागरिक अपनी सेहत के प्रति गंभीर हो सकें। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वस्थ और शक्तिशाली राज्य के गठन की दिशा में आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प लिया। सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल एक सामान्य दौड़ आयोजित करना नहीं था, बल्कि यह समाज के हर वर्ग तक पहुंचने वाला एक बहुत बड़ा जन आंदोलन बन चुका है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले लोगों ने कदम से कदम मिलाकर इस बात का संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी को इस खतरनाक रास्ते से बचाना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से आम जनता को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशे का दलदल किस प्रकार व्यक्ति और उसके परिवार को अंदर से खोखला कर देता है। आयोजनों के जरिए लोगों को इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नशे के खिलाफ देशव्यापी मुहिम और संकल्प
मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने इस अभियान की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी ने पूरे देश को नशामुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। उसी प्रेरणा और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड की धरती पर भी इस मुहिम को व्यापक पैमाने पर चलाया जा रहा है। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि हमारे देश के नौजवान, विद्यार्थी और बच्चे इस राष्ट्र का वास्तविक भविष्य हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि उन्हें समय रहते नशे के दुष्प्रभावों के बारे में पूरी जानकारी दी जाए और पूरी तरह सतर्क किया जाए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पूरे राज्य में लगातार कैंप और जनजागृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन तमाम आयोजनों का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर, हर विद्यार्थी और हर युवा तक इस बात की सही जानकारी पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लगातार यह प्रयास बना हुआ है कि किसी भी क्षेत्र में किसी भी तरह के संसाधनों की कोई कमी न आने पाए। अंत्योदय के मूल सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाई जा रही है।
युवा पीढ़ी का भविष्य और भावी दिशा
वॉकथॉन के अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने समाज के सामने एक गंभीर विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जिस उम्र में किसी भी युवा के हाथ में कोई अच्छी किताब या कंप्यूटर होना चाहिए, वह खेल के मैदान में होना चाहिए। जब वही युवा किसी कारणवश नशे की चपेट में आ जाता है तो केवल उसके अपने निजी सपने ही नहीं टूटते हैं। उसके साथ-साथ पूरे परिवार की उम्मीदें और अरमान भी हमेशा के लिए बिखर जाते हैं। इस तरह की स्थिति से न केवल वह परिवार बल्कि पूरा समाज और देश अंदर से कमजोर हो जाता है। आने वाली पीढ़ियों की रक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि युवाओं को नशे के जाल से पूरी तरह दूर रखा जाए। कोई भी देश तभी सही मायने में मजबूत बन सकता है जब उसकी युवा पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह शक्तिशाली हो। युवाओं के पास अच्छी शिक्षा, बेहतरीन स्किल, अच्छे संस्कार और एक स्वस्थ शरीर होना बहुत आवश्यक है। जब युवा स्वस्थ होंगे तभी पूरा समाज और पूरा देश स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ सकेगा। सरकार इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है ताकि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जा सके। इस संदेश को अब हर घर और हर विद्यार्थी तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जनसहयोग लिया जा रहा है।