स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आज पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित विशाल प्रदर्शनी मैदान में राज्य स्तरीय हस्तशिल्प मेले का भव्य उद्घाटन किया गया। हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा आयोजित इस दस दिवसीय मेले का उद्घाटन राज्य के प्रमुख हस्तियों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले में हरियाणा के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग दो सौ से अधिक प्रतिष्ठित शिल्पकार, चित्रकार और बुनकर अपने अनूठे उत्पादों के साथ शामिल हुए हैं। मेले के पहले दिन ही शहर के कलाप्रेमियों और खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली।
पारंपरिक संस्कृति और लोक कला का अद्भुत प्रदर्शन
मेले के मुख्य प्रांगण में विभिन्न राज्यों की पारंपरिक संस्कृति, हथकरघा वस्त्र, टेराकोटा कलाकृतियां, लकड़ी के नक्काशीदार फर्नीचर, जूट के उत्पाद और हस्तनिर्मित आभूषणों के स्टॉल सजाए गए हैं। दर्शकों के लिए यह मेला न केवल खरीदारी का केंद्र है, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को नजदीक से देखने का एक बेहतरीन अवसर भी है। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कुटीर उद्योगों को सीधा संबल मिलता है। खरीदार सीधे कारीगरों से बिना किसी बिचौलिए के उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता की वस्तुएं खरीद पा रहे हैं, जिससे कारीगरों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है।
सांस्कृतिक संध्या और लोक नृत्यों ने बांधा समां
हस्तशिल्प प्रदर्शनी के साथ-साथ हर शाम को विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें हरियाणवी फाग, घूमर, और राजस्थानी लोक संगीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। बच्चों और युवाओं के लिए विशेष खान-पान के फूड कोर्ट भी बनाए गए हैं, जहां पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, पार्किंग और आगंतुकों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मेले में रिकॉर्ड संख्या में दर्शक पहुंचेंगे और स्थानीय कारीगरों की कला को सराहा जाएगा।